जल: हाथ से फिसलते हालात

जल की बर्बादी और बढ़ते प्रदूषण के कारण हमारे जीवन के लिए उत्पन्न हो रहे खतरे के प्रति आगाह कर रहे हैं आमिर खान जब मानव अंतरिक्ष के बाहर जीवन के लक्षणों की तलाश करता है तो सबसे पहले क्या देखता है? वह देखता है जल का अस्तित्व। किसी भी ग्रह में जल की उपस्थिति से यह संकेत मिलता है कि वहां जीवन संभव है। जाहिर है कि जल का अर्थ जीवन है और जीवन … [आगे पढ़ें...]

सीवेज का जहर पीने को अभिशप्त रहेंगी नदियां

सिर्फ 40 फीसदी सीवेज लोड के शोधन की क्षमता उपलब्ध समस्या से निजात दिलाने में आड़े आ रही संसाधनों की कमी क्षमता के अनुसार काम नहीं कर रहे ज्यादातर एसटीपी सभ्यता की पालनहार नदियों को प्रदेश में सीवेज रूपी गरल अरसे तक पीना पड़ेगा। वजह यह है कि सूबे की नदियों में गिरने वाले कुल सीवेज लोड के 40 फीसदी को ही शोधित करने की क्षमता फिलहाल उपलब्ध … [आगे पढ़ें...]

‘हर-हर गंगे’ से गूंजा विश्रमघाट

एंबुलेंस संग मथुरा पहुंची बीमार ‘गंगा’ मथुरा: प्रदूषण की मार से बीमार ‘गंगा’ एंबुलेंस संग मथुरा पहुंची। इसे लेकर आए साधु-संतों ने रविवार को कहा कि तटों पर बने बांधों ने गंगा की अविरलता को प्रभावित किया है। इस राष्ट्रीय नदी को राष्ट्रीय ध्वज जैसा सम्मान भी नहीं मिल पाया है। गंगा के साथ-साथ उसकी बहन यमुना नदी में प्रदूषण की समस्या को भी … [आगे पढ़ें...]

यमुना प्रदूषण को लेकर आंदोलन 26वें दिन भी जारी

वृन्दावन: यमुना प्रदूषण की समस्या के खिलाफ साधु-संतों और किसानों का आंदोलन रविवार को 26वें दिन भी जारी रहा। आंदोलन में रविवार को जयकिशन दास बाबा, सुदर्शन दास, हरेश ठेनुआ, प्रीतम दास सन्यासी, ओमप्रकाश पचौरी, भगवान दास चौधरी, महेशाचार्य, घनश्याम चौधरी, वेदराम, दिलीप हरिदास, हरगोविंद दास, लोकेश दास, संत रामेश्वर, नृत्य दास, दीनदयाल दास, … [आगे पढ़ें...]