वृन्दावन का पौराणिक स्वरुप

वृन्दावन टुडे 2014,08,16 गोपाल शरण शर्मा समस्त धामों का सिरमौर परमपावन श्रीधाम वृन्दावन है। इस भूमण्डल पर यह अपने अखण्ड रसमय स्वरूप में विद्यमान है। जिसने वृन्दावन का आश्रय ग्रहण नहीं किया वह मनुष्य अभागा है - तिनको दरस देश दुर्लभ जे आराधत राधाहिं। भूवसि वृन्दावन नहिं सेवत ते प्रानी पछिताहिं।। (स्वामी श्री विहारिनदेव जी) व्रजमण्डल के … [आगे पढ़ें...]