श्रीप्रियावल्लभ मन्दिर में आयोजित समारोह श्रीहित परमानन्द सम्मान से नवाजे डा. राजेश शर्मा

-संस्कृति क्षेत्र में उत्कृष्ण कार्य के लिए डा. इन्दु राव को किया सम्मानित - रात्रि में ढाढ़ी-ढ़ाढ़िन नृत्य ने बांधा समां, भक्त आत्मविभोर वृन्दावन, 31 अगस्त 2017,(VT) श्रीराधाष्टमी पर छीपीगली स्थित ठा. प्रियावल्लभ मंदिर में विभिन्न धार्मिक आयोजन के साथ-साथ एक सम्मान समारोह भी किया गया, जिसमें ब्रज संस्कृति से प्रेरित पाण्डुलिपियों के … [आगे पढ़ें...]

ब्रज में है रही जय-जयकार, श्रीकृष्णप्रिया राधारानी जी ने लियौ अवतार…

- जन्मोत्सव पर ब्रज के मंदिर देवालयों में दुग्धाभिषेक पश्चात् हुए विशेष दर्शन - टटिया स्थान, राधावल्लभ मंदिर, राधारमण मंदिर, राधाश्यामसुंदर मंदिर, राधादामोदर मंदिर आदि विभिन्न मंदिरों में दिखी श्रीराधा जन्मोत्सव की दिव्य झलक वृन्दावन, 30 अगस्त 2017,(VT) ब्रज में है रही जय-जयकार, राधारानी ने लियौ अवतार, राधे अलबेली सरकार, परम धन राधा … [आगे पढ़ें...]

बड़े दाऊजी महाराज की छप्पन भोग एवं दुग्धाभिषेक की नयनाभिराम झांकी को देख भक्त आनंदित

-विशेष श्रृंगार एवं चांदी का मुकुट धारण दिए दर्शन -51 किलो दूध एवं विभिन्न पदार्थों से हुआ दुग्धाभिषेक वृन्दावन, 29 अगस्त 2017,(VT) श्रीकृष्णनगरी वृन्दावन में श्रीबल्देव छठ आयोजित ब्रजराज दाऊदयाल जी महाराज के जन्मोत्सव की भव्यता एवं दिव्यता पग-पग पर दिखाई पड़ी। प्राचीन गौमा टीले (प्राचीन गोविन्ददेव मंदिर का निज मंदिर) से गोविंददेव जी … [आगे पढ़ें...]

मुहिम: अस्तित्व गंवाने की कगार पर पौराणिक प्रस्कंदन घाट एवं सूरज घाट

-मुहिम: *यमुना की विरासत, हमारी धरोहर* - कालियामर्दन पश्चात् श्रीकृष्ण के शरीर से यमुना जल की बूदें गिरी, उसी स्थान को प्रस्कंदन घाट का नाम दिया गया था - 12 सूर्य भगवान को गर्मी देने को पहुंचे, उसे द्वादशआदित्य टीला  कहते है।  वृन्दावन, 25 अगस्त 2017,(VT) वृन्दावन की सबसे प्राचीन धरोहर एवं मंदिर मदनमोहन मंदिर हैं। मदन मोहन … [आगे पढ़ें...]

तीर्थों पुरोहितों की बहियों में संरक्षित है भारत के आमजन का इतिहास !

वृन्दावन, 25 अगस्त 2017, (VT) (साभार: ब्रज संस्कृति शोध संस्थान) सदियों से भारतीय जनता के जीवन में तीर्थ श्रद्धा और आस्था के केन्द्र रहे हैं । वह धर्म व संस्कृति के संवाहक हैं । भारतीयों के जीवन चक्र में तीर्थ यात्राओं का अनिवार्य स्थान है । तीर्थ में धर्म कार्य जैसे स्नान , तप , दान, यज्ञ आदि करने की परम्परा है जिसे पूर्ण कराते हैं तीर्थ … [आगे पढ़ें...]

मुहिमः रामगिलोला घाट जहां चैतन्य महाप्रभु एवं छः गोस्वामियों ने की थी वृन्दावन-खोज

मुहिम: **यमुना की विरासत, हमारी धरोहर** -अपने अस्तित्व को लेकर संघर्ष करते वृन्दावन के प्राचीन घाट वृन्दावन, 22 अगस्त 2017,(VT) प्राचीन समय में यमुना पुलिन वह रमण्ीाक स्थान था, जहां विभिन्न सम्प्रदायों के आचार्य, संत एवं महाप्रभु आकर गोष्ठियां एवं सत्संग करते थे, लेकिन काल के प्रभाव में इन रमणीक स्थानों का किसी की नजर लग गई और … [आगे पढ़ें...]

यमुना के घाटों का संरक्षण करें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण

-राजे-रजवाड़ों ने धर्मभाव से प्रेरित होकर जनहित में कराया था इनका निर्माण  -देश की आजादी को 70 साल हो गए, लेकिन पुरातत्व विभाग ने इन घाटों को सजाने-संवारने की नहीं उठाई जहमत  वृंदावन, 06 अगस्त 2017,(VT) सामाजिक कार्यकर्ता महंत मधुमंगल शरणदास शुक्ल ने रविवार को महानिदेशक को भेजे एक पत्र में यमुना के प्राचीन घाटों का भारतीय पुरातत्व … [आगे पढ़ें...]

श्रील रूप गोस्वामी जी तिरोभाव महोत्सव विशेष: श्रील गोस्वामी जी साधना से प्रगटे ठा. गोविन्द देव

वृन्दावन, 4 अगस्त 2017(VT): श्रीराधारानी की अनुगता सखियों में प्रधाना श्री ललिता सखी .....श्री ललिता जी की अनुगता मंजरियों में प्रधान श्रीरूप मंजरी के अभिन्न स्वरूप हैं - श्रील रूप गोस्वामी। श्रीरूप गोस्वामी श्रीगौरलीला में षड गोस्वामियों में प्रधान हैं। आप पूर्व बंगाल में कुमारदेव ब्राह्मण के पुत्र के रूप में अवतरित हुए। भगवान चैतन्य … [आगे पढ़ें...]

राज्यसभा में द्रमुक सांसद ने वृन्दावन की विधवाओं की दशा पर जताई चिंता

राज्यसभा द्रमुक सांसद त्रिची शिवा ने वृन्दावन की विधवाओं के रहन-सहन पर जताई चिंता  वृन्दावन, 03 अगस्त 2017 (V.T.)। जैसा कि आप विदित है वृन्दावन में विधवाओं की स्थिति की बात किसी से छुपी नहीं हैं, चाहें उनके पीछे सरकार कितनी भी चितिंत हो या फिर विभिन्न संगठन यह दुहाई दे रहे हैं कि हम वृन्दावन की विधवाओं के लिए संवेदनशील है। लेकिन असल … [आगे पढ़ें...]

वृन्दावन के राजा गोविन्द देव के अग्रज बड़े दाऊ जी

वृन्दावन, 2017.07.24 (VT): आज जब वृन्दावन के इतिहास भुला दिया जा रहा है, और आने वाले श्रद्धालुओं के आकर्षण का केन्द्र मात्र एक प्राचीन मन्दिर के साथ साथ कुछ गिने चुने आधुनिक मन्दिरों तक ही सीमित रह गया है, ऐसे समय वृन्दावन के मन्दिरों का इतिहास और वहां विराजे ठाकुर के वारे में श्रद्धालुओं को सटीक जानकारी होनी चाहिये। हमारी कोशिश है कि हम … [आगे पढ़ें...]