शक्ति के रंग में रंगी भक्ति की नगरी, देवी के जयकारों से  गूंजा श्रीधाम वृन्दावन

-राधाबाग स्थित कात्यायनी मंदिर में सुबह से ही लगा श्रद्धालुओं का हुजूम वृन्दावन, 22 सितम्बर 2017। शारदीय नवरात्र के पहले दिन भगवान श्रीकृष्ण की क्रीडास्थली श्रीधाम वृन्दावन देवी मां के जयकारों से गूंज उठी। देवी मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ व दर्शन के लिए उमड़ पड़ी। देर शाम तक मंदिरों में भक्तों का भारी हुजूम लगा … [आगे पढ़ें...]

श्रीरंग मंदिर में मना नन्दोत्सव (लट्ठा का मेला), मुख्यद्वार पर विराज भगवान ने दिए दर्शन

-पानी और तेल की बौछार के मध्य पहलवानों ने ध्वजा हासिल की - पहलवान केशव सिंह ने पाचवीं बार रिकार्ड ध्वजा एवं कलश प्राप्त किया वृन्दावन, 15 सितम्बर 2017,(VT) ब्रज में जैसे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एक दिन बाद खिलौने, वस्त्र, मिठाई, मेवा, उपहार लुटाकर नन्दोत्सव मनाया जाता है, ठीक वैसे ही श्रीरंगजी मंदिर दक्षिण भारतीय परम्परानुसार जन्माष्टमी … [आगे पढ़ें...]

श्रीरंग मंदिर में मनी जन्माष्टमी, हजारों भक्त एवं श्रद्धालु ने गाई बधाईयां

- सबसे हटकर जन्माष्टमी के एक माह बाद श्रीरंग मंदिर में मनाया जाता है यह महोत्सव   वृन्दावन, 15 सितम्बर 2017,(VT) यहां जन्माष्टमी पर्व को बीते हुए एक माह पूर्ण हो गया वहीं दक्षिण भारतीय परम्परा के वृन्दावन स्थित श्रीरंग मंदिर में जन्माष्टमी महोत्सव मध्य रात्रि में 12 बजे बड़े धूमधाम से मनाया गया। भगवान श्रीगोदारंगमन्नार को … [आगे पढ़ें...]

ब्रज के मंदिर और देवालय सांझी के रंगों में रंगने को सरोबार

- ठाकुर जी को रिझाने के लिए सांझी के पुराने घराने मंदिर और देवालयों में सजेगी सांझी - सांझी फूल, गोबर, रंग, पानी के ऊपर, पानी के नीचे बनाई जाती है वृन्दावन, 07 सितम्बर 2017,(VT) जहां पितृ पक्ष में कोई भी नया कार्य प्रारम्भ नहीं किया जाता है वहीं वृन्दावनीय रसोपसना में पितृ पक्ष में उत्सव का माहौल रहता है, पितृ पक्ष में ब्रज के मंदिर … [आगे पढ़ें...]

मुहिमः 2 बुर्जी-2 चबूतरे क्या बस यही पहचान है प्राचीन कोरिया घाट की

मुहिमः *यमुना की विरासत, हमारी धरोहर* -प्राचीन कोरिया घाट अस्तित्व बड़ा ही गौरवशाली रहा है,  - बदहाल पड़े इन प्राचीन धरोहरों को देखकर चितिंत होते है तीर्थयात्री एवं बाहरी श्रद्धालु वृन्दावन, 02 सितम्बर 2017,(VT) वैसे तो श्रीधाम वृन्दावन तीर्थों के मुकुटमणि के नाम से प्रसिद्ध हैं, भगवानश्रीकृष्ण ने इस दिव्य स्थल पर अपनी विभिन्न … [आगे पढ़ें...]

श्रीप्रियावल्लभ मन्दिर में आयोजित समारोह श्रीहित परमानन्द सम्मान से नवाजे डा. राजेश शर्मा

-संस्कृति क्षेत्र में उत्कृष्ण कार्य के लिए डा. इन्दु राव को किया सम्मानित - रात्रि में ढाढ़ी-ढ़ाढ़िन नृत्य ने बांधा समां, भक्त आत्मविभोर वृन्दावन, 31 अगस्त 2017,(VT) श्रीराधाष्टमी पर छीपीगली स्थित ठा. प्रियावल्लभ मंदिर में विभिन्न धार्मिक आयोजन के साथ-साथ एक सम्मान समारोह भी किया गया, जिसमें ब्रज संस्कृति से प्रेरित पाण्डुलिपियों के … [आगे पढ़ें...]

ब्रज में है रही जय-जयकार, श्रीकृष्णप्रिया राधारानी जी ने लियौ अवतार…

- जन्मोत्सव पर ब्रज के मंदिर देवालयों में दुग्धाभिषेक पश्चात् हुए विशेष दर्शन - टटिया स्थान, राधावल्लभ मंदिर, राधारमण मंदिर, राधाश्यामसुंदर मंदिर, राधादामोदर मंदिर आदि विभिन्न मंदिरों में दिखी श्रीराधा जन्मोत्सव की दिव्य झलक वृन्दावन, 30 अगस्त 2017,(VT) ब्रज में है रही जय-जयकार, राधारानी ने लियौ अवतार, राधे अलबेली सरकार, परम धन राधा … [आगे पढ़ें...]

बड़े दाऊजी महाराज की छप्पन भोग एवं दुग्धाभिषेक की नयनाभिराम झांकी को देख भक्त आनंदित

-विशेष श्रृंगार एवं चांदी का मुकुट धारण दिए दर्शन -51 किलो दूध एवं विभिन्न पदार्थों से हुआ दुग्धाभिषेक वृन्दावन, 29 अगस्त 2017,(VT) श्रीकृष्णनगरी वृन्दावन में श्रीबल्देव छठ आयोजित ब्रजराज दाऊदयाल जी महाराज के जन्मोत्सव की भव्यता एवं दिव्यता पग-पग पर दिखाई पड़ी। प्राचीन गौमा टीले (प्राचीन गोविन्ददेव मंदिर का निज मंदिर) से गोविंददेव जी … [आगे पढ़ें...]

मुहिम: अस्तित्व गंवाने की कगार पर पौराणिक प्रस्कंदन घाट एवं सूरज घाट

-मुहिम: *यमुना की विरासत, हमारी धरोहर* - कालियामर्दन पश्चात् श्रीकृष्ण के शरीर से यमुना जल की बूदें गिरी, उसी स्थान को प्रस्कंदन घाट का नाम दिया गया था - 12 सूर्य भगवान को गर्मी देने को पहुंचे, उसे द्वादशआदित्य टीला  कहते है।  वृन्दावन, 25 अगस्त 2017,(VT) वृन्दावन की सबसे प्राचीन धरोहर एवं मंदिर मदनमोहन मंदिर हैं। मदन मोहन … [आगे पढ़ें...]

तीर्थों पुरोहितों की बहियों में संरक्षित है भारत के आमजन का इतिहास !

वृन्दावन, 25 अगस्त 2017, (VT) (साभार: ब्रज संस्कृति शोध संस्थान) सदियों से भारतीय जनता के जीवन में तीर्थ श्रद्धा और आस्था के केन्द्र रहे हैं । वह धर्म व संस्कृति के संवाहक हैं । भारतीयों के जीवन चक्र में तीर्थ यात्राओं का अनिवार्य स्थान है । तीर्थ में धर्म कार्य जैसे स्नान , तप , दान, यज्ञ आदि करने की परम्परा है जिसे पूर्ण कराते हैं तीर्थ … [आगे पढ़ें...]