जगद्गुरू कृपालु परिषत् ने कराया विधवा माता भोज, 4000 विधवा माताओं ने किया भोज

- प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है यह आयोजन वृन्दावन, 12 नवम्बर 2017,(VT) जगद्गुरू कृपालु परिषत् प्रतिवर्ष मनाये जाने वाला भोज इस बार भी मनाया गया, शुक्रवार को परिषत् द्वारा विधवा भोज का आयोजन किया गया जिसमें प्रेम मंदिर में आयोजित विधवा भोज में चार हजार निराश्रित विधवाओं को भोजन करवाकर परिषत ने दैनिक उपयोग की वस्तुएं भेंट एवं नकद भेंट … [आगे पढ़ें...]

आज सिद्ध बाबा श्रील प्राणकृष्णदास जी के तिरोभाव महोत्सव पर विशेष :::

Vrindavan, 09 Nov. 2017, (VT) श्रीकृष्ण कथा रस में निरंतर निमज्जन करने वाले श्री प्राणकृष्णदास बाबा का जन्म सन 1802 में पश्चिम बंगाल में वर्धमान जिले के कालना के निकट बागानपाड़ा में हुआ। श्री जाह्ववा माता की परम्परा में श्री नित्यानंद परिवार के बागानपाड़ा के श्री यदुनंदन गोस्वामी जी महाराज से इन्होंने दीक्षा ग्रहण की। युवावस्था में वैराग्य … [आगे पढ़ें...]

वंशीवट की शीतल छैया, सुभग नदी यमुना सी, इतनी आस व्यास की कीजैं, वृन्दाविपिन विलासी, हरि हम कब होंयेंगे ब्रजवासी..

-श्री ​ह​रिराम जी व्यास प्राकट्योत्सव विशेष आलेख:) में पौराणिक वेत्रावती (बेतवा) नदी के तट ऐसी ही रसिक भक्त श्री हरिराम व्यास जी का प्राकट्य हुआ। बाल्यकाल में ही इन्होंने अपने पिता समोखन शुक्ल को गुरूदेव स्वीकार कर लिया। ओरछा राज्य के पुरोहित पद और उसके वैभव तथा मधुकर शाह का शरणागत् भाव भी उन्हें वृन्दावन रस के प्रति दृढ़ अनुराग से डिगा … [आगे पढ़ें...]

श्री हित वृन्दावन प्राकट्य महोत्सव में झलकी ब्रज रस की अनूठी छटा

- शास्त्रीय संगीत सुन आनंदित हो उठे श्रद्धालु वृन्दावन, 02 नवम्बर 2017,(VT) श्रीरास पूर्णिमा के अन्तर्गत श्रीहित हरिवंश प्रचार मंडल के तहत आयोजित तीन दिवसीय श्रीहित वृन्दावन प्राकट्य महोत्सव के अन्तर्गत 510 वां प्राकट्य महोत्सव मनाया गया, जिसमें शुभारंभ राधाबल्लभ संप्रदाय के आचार्य राधेलाल गोस्वामी ने किया। समारोह में पधारी विदिति … [आगे पढ़ें...]

सिद्ध श्रील गौर किशोर दास बाबा जी महाराज के तिरोभाव महा-महोत्सव पर विशेष :

Vrindavan :  श्रील गौर किशोर दास बाबा जी महाराज का जन्म 1838 में हुआ। 30 वर्ष तक आप गृहस्थ में रहे। पत्नी की मृत्यु के पश्चात आपने वृन्दावन में प्रस्थान किया जहां उन्होंने अगले तीस वर्ष निरन्तर भजन में बिताए। इसके पश्चात बाबा जी महाराज नवद्वीप द्वीप गए और वे अपने अंतिम श्वास तक वहीं रहे। आप अपने अप्राकृत नेत्रों से नवद्वीप मंडल के … [आगे पढ़ें...]

तुलसी-शालिग्राम विवाह आज: मांगलिक कार्यों की शुरूआत आज से

- जो मनुष्य तुलसी का विवाह भगवान से करते हैं, उनके पिछले जन्मों के सब पाप नष्ट होते हैं - चार महीनों में भगवान विष्णु क्षीरसागर की अनंत शैय्या पर शयन करते हैं इस कारण चार मास के लिए बन्द रहते हैै मांगलिक कार्य वृन्दावन, 31 अक्टूबर 2017,(VT) कार्तिक शुक्ल पक्ष की एकादशी देवोत्थान, तुलसी शालिग्राम विवाह एवं भीष्म पंचक एकादशी के रूप में … [आगे पढ़ें...]

ब्रज का विशेष आकर्षण हैः प्रसिद्ध कंस वध मेला

- चतुर्वेदी युवक अपनी-अपनी लाठियों से सुसज्जित होकर कंस टीले पर लगे कंस के पुतले को नष्ट करते है वृन्दावन, 31 अक्टूबर 2017,(VT) कंस टीले पर आयोजित होने वाला यह मेला ब्रज का विशेष आकर्षण हैं। भगवान श्रीकृष्ण द्वारा कंस को मारने के उपलक्ष्य में मथुरा में यह मेला आयोजित होता है। इस दिन चतुर्वेदी युवक अपनी-अपनी लाठियों से सुसज्जित होकर कंस … [आगे पढ़ें...]

आज श्रीपाद गोपालगुरु गोस्वामी के तिरोभाव महोत्सव पर विशेष 

Vrindavan : श्रीमुरारि पण्डित के पुत्र श्रीमकरध्वज को श्रीमन्महाप्रभु ने गुरु पदवी प्रदान की थी। वे अति प्रभावशाली थे। एक दिन श्रीमहाप्रभु लौकिक लीलानुरोध से बहर्देश(शौचादि) गमन के समय अपनी जिह्वा को दाँतों से दबाये हुये थे। बालक मकरध्वज ने यह देखा और महाप्रभु के निवृत्त-स्नान आदि कर आने पर पूछा कि प्रभो! उस समय आप ऐसा क्यों कर रहे … [आगे पढ़ें...]

अक्षय नवमी : आज के ही दिन भगवान श्रीकृष्ण ने कंस वध के बाद मथुरा की लगाई थी परिक्रमा

साभार: अंजना अग्रवाल Vrindavan :  कार्तिक शुक्लपक्ष नवमी को ‘अक्षय नवमी’ व ‘आँवला नवमी’ कहते है। अक्षय नवमी को जप, दान, तर्पण, स्नानादि का अक्षय फल होता है। इस दिन आँवले के वृक्ष के पूजन का विशेष माहात्म्य है। पूजन में कपूर या घी के दीपक से आँवले के वृक्ष की आरती करनी चाहिए तथा निम्न मंत्र बोलते हुये आंवले के वृक्ष की प्रदक्षिणा … [आगे पढ़ें...]

गोपाष्टमी विशेष : आगयैं आगयैं गईया, पाछैं पाछैं ग्वाल, माखन खईवैं मेरौ मदन गोपाल…

’गोपाष्टमी विशेष आलेखः’ ’साभार :  श्रीसुनील गौतम ब्रजवासी जी’ सात दिन में नौ त्योहार यही है ब्रज की असली पहचान वृन्दावन, 27 अक्टूबर 2017, (VT) सात दिन नौ त्योहार यह है ब्रज की कहाबत यानी कि सात दिन होने पर भी ब्रजवासियो के यहाँ नौ त्योहर होते है। इन्ही त्योहारों में प्रमुख है, गोपाष्टमी। गोपाष्टमी ब्रज संस्कृति का एक प्रमुख पर्व … [आगे पढ़ें...]