हरी छटा में विराजे राजाधिराज की छवि ने मोहा मन

वृन्दावन, 24 जुलाई 2017(VT) द्वारिकाधीश मंदिर के विभिन्न छटाओं की श्रृंखला में रविवार को हरियाली अमावस्या के अवसर पर हरी छटा सजाई गई। हरी छटा के मध्य विभिन्न प्रकार के सुगंधित पुष्पों से निर्मित भव्य एव विशाल तीन हिंडोले सजाए गए, जिसमें मध्य वाले हिंडोले में राजाधिराज को विराजा गया, हिंडोले में विराजे राजाधिराज की छवि को निहारने के लिए … [आगे पढ़ें...]

तीज पर स्वर्ण-रजत हिंडोले में विराजेंगे ठा. बांकेबिहारी

वृन्दावन, 24 जुलाई 2017(VT) ठा. बांकेबिहारी जी महाराज बुधवार को हरियाली तीज के अवसर पर हरी छटा में स्वर्ण-रजत हिंडोले में विराजकर भक्तों को दर्शन देंगे। मंदिर प्रबंध के अनुसार हरियाली तीज की सारी व्यवस्थाएं पूर्ण कर ली गई हैं, हरियाली तीज के अवसर पर मंदिरों को दुल्हन की तरह सजाया जाएगा, सायंकाल में स्वर्ण-रजत हिंडोले में ठा. … [आगे पढ़ें...]

ब्रज संस्कृति के प्रोत्साहन, संरक्षण एवं संवर्धन के लिए प्रदेश सरकार संकल्पित- लक्ष्मीनारायण चौधरी

वृन्दावन, 23 जुलाई 2017  (VT) उत्तर प्रदेश के संस्कृति विभाग द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय जन्म शताब्दी वर्ष पर आयोजित बरखा बहार सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम के प्रेक्षागृह में आयोजित किया गया। कार्यक्रम बरखा बहार का शुभारंभ करते हुए प्रदेश के संस्कृति मंत्री लक्ष्मीनारायण चैधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार का आशय … [आगे पढ़ें...]

-सावन की राग, मल्हारों में थिरकता है ब्रज

 - नीलकंठ शिव के अभिषेक का मास भी है सावन -सावन में ब्रज में रिमझिम फुहारो एवं विभिन्न छटाओं के मध्य विराजते ठाकुर जी -लता-पताओं से आच्छादित कुंजों के साथ स्वर्ण-रजत हिंडोले में विराजते हैं ठाकुर जी वृन्दावन, 23 जुलाई 2017 (VT) सावन, नीलकंठ शिव के अभिषेक का मास है सावन तो वहीं नीलवर्ण श्रीकृष्ण और राधा के महारास का साक्षी भी है … [आगे पढ़ें...]

रास रसभूमि भ्रमरघाट स्थित मनोरम रास-स्थली गंभीरा में रासलीला महोत्सव कल से

- 23 जुलाई से 7 अगस्त तक आयोजित होगा रासलीला महोत्सव वृन्दावन, 22 जुलाई 2017 (VT) चैतन्य प्रेम संस्थान के तत्वावधान में रास रसभूमि  भ्रमरघाट स्थित मनोरम रास-स्थली में हरियाली अमावस्या से रक्षाबन्धक तक (23जुलाई-7 अगस्त 2017) पर्यन्त अलौकिक रस महोत्सव जगद्गुरू श्री चैतन्यसम्प्रदायाचार्य श्रीपुरूषोत्तम गोस्वामी जी महाराज के पावन … [आगे पढ़ें...]

केसरिया छटा में ​विराज राजाधिराज ने दिए दर्शन

वृन्दावन, 22 जुलाई 2017(VT) केसरिया छटा के साथ राजाधिराज ने दर्शन छटा उत्सव का शुभारम्भ कर दिया। श्रीकृष्ण जन्मभूमि में 24 जुलाई को घटाओं का आरंभ होगा । लौकिक जगत के अलौकिक तपोवन टटिया स्थान में 26 जुलाई को मोहिनी बिहारी जी चांदी के झूले में सुबह-शाम दोनों समय झोटा लेंगे। प्रभु के सेवकों ने विश्व प्रसिद्ध द्वारिकाधीश मंदिर में … [आगे पढ़ें...]

सावन सोमवार पर विशेष: महारानी अहिल्या बाई होल्कर ने प्रथम बार शिवलिंग के प्रतीक चिह्न को सिक्कों पर कराया अंकित

वृन्दावन, 17.07.2017 (V.T.) ब्रज संस्कृति शोध संस्थान,वृन्दावन में संग्रहीत यह दुर्लभ चाँदी का रुपया इंदौर की प्रसिद्ध महारानी अहिल्या बाई होल्कर ( सन् 1765 ई० - सन् 1795 ई० ) का है, जिस की विशेषता यह है कि रुपया तो तत्कालीन परम्परा के अनुसार मुगल बादशाह के नाम पर ही फारसी अभिलेख के साथ जारी किया गया है, परन्तु महारानी ने टकसाल चिह्न के … [आगे पढ़ें...]

सावन के सोमवार पर विशेष: महारास लीला को देखने के लिए जब वृन्दावन में गोपी बने भोलेनाथ

-अद्भुत हैं वृन्दावन के कोतवाल गोपीश्वर महादेव -नाम विदित गोपीश्वर जिनकौ, ते वृन्दा कानन कुतवार... -वृन्दावन में गोपीरूप में आज भी दे रहे हैं दर्शन -भगवान शिव का यह दुर्लभ स्वरूप वृन्दावन के अलावा दुनिया में कहीं नहीं वृन्दावन, 17.07.2017 (V.T.)गोपीश्वर महोदव की लीला भी निराली है। भगवान श्रीकृष्ण के महारास के दर्शन की लालसा … [आगे पढ़ें...]

कृष्णलीला की गवाह है मानसीगंगा

गोवर्धन (DJ):  धार्मिक रहस्यों का संग्रह ही ब्रजभूमि की परिभाषा है। सीमित शब्दों से इसको परिभाषित नही किया जा सकता। कण-कण में रहस्य छिपाए गोवर्धन द्वापरयुगीन लीला का गवाह है, तो मानसी गंगा गिरिराज पुरातन लीलाओं की एक दिव्य स्थली है। मान्यता के अनुसार, एक बार भगवान श्रीकृष्ण अपने पिता नन्दबाबा, यशोदा मैया और ब्रजवासियों सहित गंगा स्नान जा … [आगे पढ़ें...]

गिरिराज तलहटी में आस्था पर्वत के शिखर से भी ऊंची

पर्वतराज के विराट स्वरूप और श्रद्धालुओं की न रुकने वाली धारा गोवर्धन, 2017.07.11 (V.T.) मुड़िया पूर्णिमा पर गिरिराज तलहटी में आस्था पर्वत के शिखर से भी ऊंची दिखी। सात कोस परिक्रमा मार्ग में सिर्फ सिर ही सिर नजर आ रहे थे। पूर्णिमा पर शाम को चकलेश्वर स्थित महाप्रभु मंदिर के महंत मुड़िया संत गोपालदास के सानिध्य में करीब दो सौ संतों … [आगे पढ़ें...]