वृन्दावन टुडे के बारे में

वृन्दावन टुडे आपको प्रतिदिन व्रज और वृन्दावन धाम के समाचार के बारे में अवगत कराते हैं, जैसे मन्दिर, आश्रम जीवन, विशेष उत्सव, पर्यावरण और धरोहरों के संरक्षण आदि। आप यहाँ आयें और श्री श्री राधाकृष्ण के पवित्र धाम का अनुभव करें। वृन्दावन टुडे किसी सम्प्रदाय विशेष से सम्बन्धित नहीं है, जो कि श्री धाम वृन्दावन के उत्थान और सकारात्मक विकास के लिए समर्पित है।

वृन्दावन टुडे के उद्देश्य

  • वृन्दावन की आध्यात्मिक, धार्मिक तथा सांस्कृतिक महत्ता को अनुभव कराने के लिए विश्व भर से पाठकों को आकर्षित करना,
  • संगठनों और संस्थाओं से ऊपर उठकर वृन्दावन वासियों के समूह का निर्माण करना।
  • ऐसी संस्थाओं और व्यक्तियों के बारे में जागरुकता पैदा करना जो व्रज और वृन्दावन के लिए अच्छा कार्य कर रही हैं।
  • विशेषत: संस्कृति और वातावरण से सम्बन्धित महत्त्वपूर्ण मुद्दों को प्रकाशित करना, जो कि वर्तमान के भौम वृन्दावन से जुड़े हुए हैं।
  • इन विषयों के सम्बन्ध में प्राचीन एवं वर्तमान काल की महत्त्वपूर्ण सूचनाओं को उपलब्ध कराना।
  • और सबसे महत्त्वपूर्ण यह है कि लोगों को सक्रिय रूप से वृन्दावन धाम की सेवा के लिए अनुप्रेरित करना।

संपादक मंडल

हमारा संपादक मंडल का नया गठन 25 जुलाई 2014 को हुआ है। संपादक मंडल में वृन्दावन कं पांच कर्मठ, योग्य और वृन्दावन के प्रति संर्मपित लोगो को रखा है। ये सभी वृन्दावन के उत्थान के लिये कार्य करते है।

श्री हित किंकर सेवक शरण (श्री हित साधना मंडल

Hitkinkar_SewakSharanसेवक शरण जी ने वृन्दावन के पर्यावरण को सुघारने का कार्य सर्वप्रथम प्रारम्भ किया। वह वृन्दावन के पर्यावरण सुघार को हो रहे कार्यक्रमों को संचालित करते है। अपनी 80 वर्ष की अवस्था में भी वह ब्रजवासियों को पर्यावरण सुघारने की प्रेरणा देते रहते है। इनके वारे में और जानने के लिये यहां देखें। (लिंक).


श्री श्रीवत्स गोस्वामी (श्री चैतन्य प्रेम संस्थान)

Shrivatsa_Goswamiश्रीवत्स गोस्वामी वृन्दावन की एक सम्मानित और सर्मपित विभूति है। ये राघारमण मंदिर के गोस्वामीयों के वंशज है। इनका कार्यक्षेत्र ठाकुर राघारमण जी सेवा और उनके भक्त गोपाल भट्ट गोस्वामी द्वारा की गयी रचनाओं का बिना किसी से तुलना किये प्रसार करने का है। यह प्रतिवर्ष जयसिंह धेरा में संत सम्मंजन एवं उत्सवों का आयोजन करते है।


श्री सत्यनारायण दास बाबाजी महाराज (जीव इनस्टिटूट)

Satyanarayandas श्री सत्यनारायण दास जी जीवा संस्थान के संस्थापक है। यह संस्थान शीतल छाया, रमनरेती में स्थित है। महाराज जी द्वारा शिक्षा , प्राचीन ग्रंथों का अनुवाद करने और उन्हें संरक्षित करने का कार्य किया जा रहा है। वह 16वीं शताव्दी में उत्पन्न जीव गोस्वामी के दर्शन को प्रकाशित एवं प्रसारित करने का कार्य कर रहे है। वर्तमान में वह जीव गोस्वामी से जुडे षट्संर्दभों का अनुवाद कर रहें है।


श्री जगन्नाथ पोद्दार (वृन्दावन वन्घु)

JagannathPoddar जगन्नाथ पोद्दार सन 2004 से वृन्दावन वन्घु नामक संस्था के कार्यकारी अध्यक्ष है। वृन्दावन वन्धु और अन्य संस्थायें वृन्दावन की धरोंहरों, उसकों हरा-भरा बनाने और वृन्दावन को साफ रखनें के लिये लोगों को जागरुक करने का कार्य कर रही है।


जगदानन्द दास (वृन्दावन टुडे)

Jagat_thumb जगदानन्द दास वृन्दावन टुडे के वास्तविक संस्थापक है। वृन्दावन टुडे को बनाने के उद्देश्य और जगदानन्द के वारे में अधिक जानने के लिये यहां देखें (लिंक).


आप का स्वागत है वृन्दावन टुडे में

हम हिन्दी और अंग्रेजी के लेखकों को वृन्दावन टुडे में अपना सहयोग देने के लिये आमंत्रित करते है। जो वृन्दावन से संबंघित लेख जो मंदिर, पर्यावरण, उत्सव आदि से संबंधित हो।

कृपया अपने सुझाव व विचार वृन्दावन टुडे के ईमेल पर दें।

जय श्री राधे !

आपके सेवक

संपादक मण्डल