बरसाना के लाड़िलीजी मंदिर के सामूहिक दुष्कर्म कांड में आरोपियों को 40 साल की सजा

– मंदिर के रसोइया और कर्मचारी को सुनाई गई सजा
– उड़ीसा की श्रद्धालु से बरसाना में पांच माह पहले हुआ था दुष्कर्म
वृन्दावन, 11 फरवरी 2018, (VT) बरसाना के राधारानी मंदिर परिसर में पांच महीने पहले उड़ीसा की एक श्रद्धालु से हुए सामूहिक दुष्कर्म के मामले में अदालत ने सिर्फ पांच माह में ही कड़ा फैसला सुनाया है। मंदिर के रसोइया और कर्मचारी को फास्ट ट्रैक कोर्ट (प्रथम) विवेकानंद शरण त्रिपाठी की अदालत ने 40-40 साल की सजा सुनाई। हालांकि पीड़िता अदालत में मुकर गई थी, उसने आरोपियों को माफ किए जाने का बयान दिया था। इसी बयान के साथ सीसीटीवी फुटेज को आधार बनाकर अदालत ने यह निर्णय सुनाया है। दोनों आरोपियों पर 1.10-1.10 लाख रुपये का अर्थ दंड भी किया है। यह धनराशि पीड़िता को दिए जाने के आदेश भी अदालत ने दिए हैं।
बरसाना के विश्व प्रसिद्ध मंदिर में उड़ीसा की एक साध्वी लंबे समय से रहती थी। दिन भर राधारानी की भक्ति करने के बाद वह मंदिर के नीचे वाले हॉल में सो जाती थी। 11 सितंबर 2017 की रात को दो लोग आए और पहले महिला से छेड़छाड़ की और फिर उसे जबरन उठाकर मंदिर की एक कोठरी में ले गए। दोनों ने महिला से सामूहिक दुष्कर्म किया। दोनों की हरकत मंदिर में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। पुलिस ने सीसीटीवी से दोनों आरोपियों को पहचाना। एक आरोपी मंदिर का रसोइया कन्हैया और दूसरा राजेंद्र उर्फ पंगा मंदिर का कर्मचारी निकला।
पुलिस ने महिला की तहरीर पर मुकदमा दर्ज करके दोनों को जेल भेज दिया था। सुनवाई के दौरान पीड़िता ने दुष्कर्म होने से साफ इन्कार कर दिया और अपने बयान में दोनों आरोपियों को माफ करना लिखा। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रवीन कुमार सिंह ने बताया कि यह ऐतिहासिक फैसला है। अदालत ने पहली बार सीसीटीवी के फुटेज को पुख्ता साक्ष्य माना और पीड़िता का आरोपियों को माफ करना भी संज्ञान में लिया। माफ करने से स्पष्ट हो गया था कि अपराध तो हुआ है। इसे आधार बनाकर अदालत ने अपना फैसला सुनाया। DKS

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