श्राइन बोर्ड बनाने के फैसले पर योगी सरकार का सेवायतों ने किया चौतरफा विरोध प्रदर्शन

– किसी भी हाल में मंदिरों का अधिग्रहण होने नहीं देंगे- सेवायत 
– गोवर्धन, आन्योर, जतीपुरा के सैकड़ों मंदिर सेवायतों ने जताई आपत्ति
– योगी सरकार, ऊर्जामंत्री एवं भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निकाली जतीपुरा में रैली
वृन्दावन, 14 जनवरी 2018, (VT) श्राइन बोर्ड के विरोध में गोवर्धन में शुक्रवार को भी प्रदर्शन हुआ। सेवायतों ने कहा कि किसी भी हाल में मंदिरों का अधिग्रहण होने नहीं देंगे। गोवर्धन, आन्योर, जतीपुरा के गुधैनियां समाज के सैकड़ों मंदिर सेवायतों में मंदिर अधिग्रहण को लेकर भारी आक्रोश पनप रहा है। गुधैनियां ब्राह्मण मंदिर के सेवायतों ने मंदिर में आयोजित बैठक में जनांदोलन की रणनीति बनाई। इसके बाद सेवायत सड़क पर आ गए।
उन्होंने प्रदर्शन करते हुए योगी सरकार व भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जतीपुरा कस्बे में रैली निकाली। आन्यौर, जतीपुरा मुखार¨बद मंदिर के सेवायतों ने मंदिर अधिग्रहण का विरोध करते हुए मुख्यमंत्री, ऊर्जामंत्री और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध-प्रदर्शन किया।
इस दौरान लक्ष्मीनारायण कौशिक ने कहा कि मंदिरों से तमाम लोगों के हित जुड़े हुए हैं। सरकार के इस कदम के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। गुड़िया पुरोहित ने कहा कि योगी सरकार की मनमानी नहीं चलने देंगे। अशोक मुखिया, गोवर्धन, जतीपुरा व आन्यौर के मंदिर सेवायत सड़कों पर उग्र आंदोलन करेंगे, जिसका सरकार आकलन भी नहीं कर पाएगी।
भगवत पुरोहित ने कहा कि योगी सरकार मंदिर अधिग्रहण के फैसले को वापस लेना होगा। राजेंद्र कुमार शर्मा, गणेश पहलवान, लक्ष्मीनारयाण कौशिक, मन्नु पुरोहित, श्रीकांत शर्मा, कुंजविहारी कौशिक, महेश मुखिया, मदन गोपाल त्रिलोकी व हरीश शर्मा ने विरोध प्र्दशन किया।
सेवायतों ने मंदिर प्रांगण में बैठक कर जन आंदोलन की रणनीति बनाई। साथ ही मंदिर प्रांगण से नारेबाजी करते हुए सैकड़ों सेवायत सड़क पर आ गए व प्रदर्शन करते हुए योगी सरकार और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जतीपुरा कस्बा में रैली निकाली गई। माना जा रहा है कि सेवायत इस प्रकार रैली निकालकर स्थानीय लोगों को अपने आंदोलन से परिचित कराने के साथ ही जनसमर्थन जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।
आंदोलनकारी सेवायतों ने कहा है कि मंदिरों से तमाम लोगों के हित जुड़े हुए हैं। सरकार के इस कदम के खिलाफ उग्र आंदोलन किया जाएगा। योगी सरकार की मनमानी नही चलने देंगे। जल्द ही सेवायत सड़कों पर उग्र आन्दोलन करेंगे, फिर मामला बिगड़ जाएगा। जिसे संभालना किसी के बस की बात नहीं। योगी सरकार को मंदिर अधिग्रहण का फैसला वापस लेना होगा।

गोवर्धन के स्थानीय नागरिकों की बात  :-
योगी सरकार द्वारा गोवर्धन के प्रमुख तीन मन्दिरों के अधिग्रहण का उचित कदम नहीं है। गोवर्धन का व्यापार मंडल सेवायतों के समर्थन में है। मंदिर अधिग्रहण के विरोध में गोवर्धन गिर्राज महाराज दानघाटी मंदिर के बाद आन्यौर और जतीपुरा के गुधौनियां ब्राह्मणों ने रणनीति बनाई है। गोवर्धन, आन्योर और जतीपुरा के सेवायत मन्दिर अधिग्रहण के विरोध में लामबंद हैं। इसके लिए लोगों को उग्र आंदोलन करना पड़ा तो करेंगे। जान भी देनी पड़ी तो देंगे। भाजपा सरकार को गोवर्धन मन्दिर अधिग्रहण फरमान को वापस लेना होगा। अन्यथा सेवायत सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे।  DKS

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