प्रख्यात संत एवं भागवताचार्य श्री श्रीजी बाबा का निकुंजवास, ब्रज में शोक की लहर

– ब्रजभूमि के गौरव के नाम थी समूचे देश में पहचान
– प्राचीन मंदिर व कुंड-सरोवरों का कराया था उद्धार 
वृन्दावन, 08 जनवरी 2018, (VT) प्रख्यात संत एवं भागवताचार्य श्रीजी बाबा का रविवार की रात्रि करीब आठ बजे देहावसान हो गया। वह 82 वर्ष के थे। श्रीजी बाबा ने शिक्षा जगत के साथ-साथ ब्रज के प्राचीन कुंड-सरोवर व मंदिरों का उद्धार कराने में अहम भूमिका निभाई। उनके निधन से ब्रज के संत-मंहत, भागवताचार्य व शिक्षाविदों को गहरा आघात लगा है।
मथुरा के मंडीरामदास स्थित गली रावलिया निवासी श्रीजी बाबा ने 80 के दशक में मथुरा में भूतेश्वर पर श्रीजी बाबा के नाम से विशाल आश्रम की स्थापना की। यहीं गरीब और असहायों की सेवा का यज्ञ निरंतर चल रहा है। यही नहीं उन्होंने मथुरा-गोवर्धन रोड पर श्रीजी बाबा सीनियर सेकेंड्री स्कूल, श्रीजी बाबा लॉ कॉलेज की भी स्थापना की। इनके अलावा ब्रज 84 कोस में पड़ने वाले प्राचीन मंदिर, कुंड व सरोवरों के उद्धार, प्रवेश द्वार बनवाने का कार्य किया। सामाजिक कार्यों में विशेष रुचि रखने वाले श्रीजी बाबा समाज के गरीब व असहायों की मदद में सदैव सबसे पहले अपने हाथ बढ़ाते रहे।
जीवनकाल में 1500 से अधिक भागवत कथाएं उन्होंने कीं। मथुरा के विप्र समाज की आन-बान-शान कहे जाने वाले श्रीजीबा की पहचान समूचे देशभर के प्रमुख भागवताचार्य, संत व समाजसेवियों के रूप में है। उनके अकस्मात देहावसान की खबर से ब्रज के प्रमुख लोगों में शोक की लहर दौड़ पड़ी। अमित भारद्वाज ने बताया कि भूतेश्वर स्थित श्रीजी बाबा आश्रम पर उनके अंतिम दर्शनों के लिए लोगों का जुटना शुरू हो गया था। DKS

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