नगर संकीर्तन शोभायात्रा से राधारमणमय हुई कान्हा की नगरी

– वैष्णवाचार्य पुंडरीक गोस्वामी के सानिध्य में प्रारम्भ हुई शोभायात्रा
– पंजाब की नफीरी, चेन्नई की शहनाई, नासिक के ढोल के प्रदर्शन ने हर किसी को किया मंत्रमुग्ध
वृन्दावन, 05 जनवरी 2017, (VT) सप्तदेवालयों में प्रमुख स्वयं प्रकट ठा. राधारमण लाल जू के मंदिर में चल रहे सेवा महोत्सव में भाव, भक्ति, प्रेम और स्नेह का विहंगम मिलन गुरुवार को देखने को मिला। मंदिर में धार्मिक आयोजन के साथ नगर में निकली दिव्य नगर संकीर्तन शोभायात्रा में विभिन्न प्रांतों का प्रदर्शन और देश-विदेश के श्रद्धालुओं का भजन व नृत्य देख लोग मुग्ध हो गए।
ठा. राधारमण मंदिर से वैष्णवाचार्य पुंडरीक गोस्वामी के सान्निध्य में शुरू हुई नगर संकीर्तन शोभायात्रा की शुरुआत 108 ब्राह्मणों के मंगल वाचन से हुई। जिसमें 130 बंगाली कीर्तन मंडलियों के स्वरों से वातावरण गुंजायमान हो उठा। चेन्नई की शहनाई और नासिक के ढोल वादकों ने भगवान के भजनों पर धुन निकाली तो हर श्रद्धालु थिरकने पर मजबूर होने लगा। पंजाब की ढोल-नफीरी ने श्रद्धालुओं समेत नगरवासियों को अपना मुरीद बना दिया। हजारों की संख्या में देश विदेश के श्रद्धालुओं ने कीर्तन करते हुए शोभायात्र में भाग लिया। हर कोई भगवान के भजनों पर झूमता नजर आया।
राधारमण मंदिर से शुरू हुई शोभायात्रा गोपेश्वर होते हुए ज्ञानगुदड़ी स्थित वैजयंती आश्रम पहुंची। यहां से ब्रह्मकुंड, गोपीनाथ बाजा, रंगजी, नगर पालिका चैराहा, मंडी, पुराना बाजाजा, बनखंडी, लोई बाजार, रेतिया बाजार, निधिवन होते हुए पुनः राधारमण मंदिर पहुंचकर समाप्त हुई।
शाम को ठाकुरजी के दर्शन खुले तो अदभुत झांकी देख श्रद्धालु आनंदित हुए। मंदिर में भजन गायन और रासलीला रामलीला का मंचन देखने को सैकड़ों भक्त देर रात तक बैठे रहे। DKS

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