उत्साह और उमंगता से मना ठा. प्रियावल्लभ लाल का 204वां पाटोत्सव

– हरिनाम संकीर्तन की धुन पर भक्त एवं श्रद्धालु हुए भावविभोर
– श्रीवृन्दावन स्वरूप संरक्षण पर वृन्दावन शोध संस्थान एवं स्थानीय अध्येताओं ने की चर्चा
– श्रीहित परमानन्द जी के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर डाला प्रकाश
वृन्दावन, 10 जनवरी 2017, (VT) छीपी गली स्थित दतिया वाली कुंज में ठा. प्रियावल्लभ लाल का 204 वां पाटोत्सव विभिन्न धार्मिक आयोजनों के मध्य धूमधाम से मनाया गया। जिसमें ब्रज के रसिक संतों द्वारा ठाकुर पिे्रयावल्लभ लाल के समक्ष प्राचीव वाणियों एवं ग्रन्थों का सस्वर गायन-वादन किया गया। कार्यक्रम में आयोजित अखण्ड हरिनाम संकीर्तन में ब्रज के विभिन्न भजनों एवं रागों पर भक्त एवं श्रद्धालु हरिनाम संकीर्तन की धुन पर भावविभोर होकर नृत्य कर रहे थे।
इसके पश्चात् वृन्दावन शोध संस्थान एवं स्थानीय अध्येताओं ने वृन्दावन स्वरूप संरक्षण पर विस्तार से चर्चा की, वृन्दावन में लता-पताओं के नष्ट, अधिकतर संख्या हो रहे अवैध निर्माणों एवं गिरते भू-जल स्तर, यमुना प्रदूषण, गौ संरक्षण आदि विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों पर संगोष्ठी की गयी, इसमें संस्थान के निदेशक सतीशचंद्र दीक्षित भी मौजूद थे।
कार्यक्रम में आयोजित श्रीहित परमानन्द के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विभिन्न विद्वानों ने प्रकाश डाला। पार्षद रसिक वल्लभ नागार्च ने बताया कि हित परमानन्द की पाण्डुलिपियां देश के अनेक संग्रहालयों से बड़ी संख्या में प्राप्त हो रही है। उन पर कई शोधार्थी शोध कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर महंत लाड़िलीशरण, राधाकृष्ण पाठक, डा. चंद्रप्रकाश शर्मा, शिवम् गौतम, पार्षद पवन यादव, डा. राजेश शर्मा, लक्ष्मीनारायण तिवारी, विष्णुमोहन नागार्च, ललित मोहन नागार्च,  गोपाल शर्मा, रमेश उपाध्याय आदि ने बढ़-चढ़कर कार्यक्रम में भाग लिया। DKS

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