सात कोसीय गोवर्धन परिक्रमा में दौड़ेगी ट्राम

 

—अगले साल धरातल पर उतरेगा प्रोजेक्ट
—1500 श्रद्धालु कर सकेंगे ट्राम से गिरिराज परिक्रमा

वृन्दावन, 29.12.2017, (VT Staff) : ब्रज तीर्थ विकास बोर्ड की कुछ परियोजनाएं अगले साल धरातल पर उतर सकती हैं। इनमें से एक गिरिराज परिक्रमा मार्ग में ट्राम चलने का प्रोजेक्ट भी है, जिसे अमलीजामा पहनाने के लिए बोर्ड ने तैयारी शुरू कर दी है। गिरिराज परिक्रमा मार्ग स्थित हरियाली को बनाए रखने के लिए यहां पाइप लाइन बिछाकर स्प्रिंगनर से पेड़.पौधों की सिंचाई भी की जाएगी। आगामी दिनों में योजना का प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री के समक्ष किया जाना है।
नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यएनजीटीद्ध ने गिरिराज परिक्रमा मार्ग में वाहन पहले ही प्रतिबंधित कर दिए हैं, लेकिन प्रशासन ने कोई वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण इस पर सख्ती नहीं की है। इसकी वजह से रिक्शा व गाड़ियों से भी परिक्रमा लगाई जाती हैए लेकिन अब यहां वाहनों का संचालन देर.सबेर प्रतिबंधित होने वाला है। दिव्यांगए असहायए अशक्त व वृद्धों के अलावा अन्य लोग भी ट्राम से ही परिक्रमा किया करेंगे। बहुत संभव है कि अगले साल के अंत तक ट्राम चलाने की परियोजना धरातल पर उतर आए।
योजना के अनुसार 12 किमी लंबी बड़ी परिक्रमा मार्ग में पूरी तरह ट्राम चलेगीए लेकिन राधाकुंड की परिक्रमा मार्ग में चैड़े रास्तों पर पटरी बिछाकर ट्राम चलाई जाएगी। अभी जो खाका तैयार हो रहा हैए उसके अनुसार ट्राम ट्रेन की होगी और एक बार में डेढ़ हजार लोग इसमें यात्र कर सकेंगे। संचालन के लिहाज से यह परिक्रमा मार्ग में केवल छह फुट की जगह चैड़ाई में घेरेगी। इसके संचालन के बाद किसी भी प्रकार के वाहन पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएंगे। विकास बोर्ड पाइप लाइन बिछाकर स्प्रिंगनर से पेड़.पौधों की सिंचाई के लिए भी प्रोजेक्ट तैयार कर रहा है। ताकि वन विभाग समेत सामाजिक संगठनों द्वारा रोपे जाने वाले पेड़.पौधों को जीवन मिल सके। बोर्ड की एक योजना गिरिराज मंदिर में चढ़ने वाले दूध का उपयोग करने को लेकर भी है, लेकिन अभी यह प्राथमिक दौर में है। उक्त योजनाओं का प्रस्तुतिकरण तैयार किया जा रहा हैए जो आगामी दिनों में मुख्यमंत्री के समक्ष किया जाना है।
बोर्ड के मुख्य कार्यपालक अधिकारी नागेंद्र प्रताप का कहना है कि दोनों परिक्रमा मार्गों में जन सुविधा केंद्रों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। अभी तीन जन सुविधा केंद्रों का संचालन हो रहा है। अगले वित्त वर्ष में तीन जन सुविधा केंद्रों की स्थापना की जाएगी।

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