वृन्दावन में संदिग्ध परिस्थिति में मरे पड़े मिले 13 मोर (राष्ट्रीय पक्षी), 3 घायल

– मृत मोरों कब्जे में कर उनका पोस्टमार्टम कराया गया।
वृन्दावन, 11 दिसम्बर 2017,(VT) कोतवाली वृंदावन की रिपोर्टिंग पुलिस चैकी जैंत के गांव छटीकरा के जंगल में संदिग्ध परिस्थिति में 13 राष्ट्रीय पक्षियों की मौत हो गई। जबकि तीन को उपचार कराकर बचा लिया गया। मामले की रिपोर्ट अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
छटीकरा गांव के पास गरुण गोविंद मंदिर के आसपास जंगल है। वहां विभिन्न प्रकार के पक्षियों के साथ ही मोर भी बहुतायत में रहते हैं। छटीकरा के जंगल में रविवार को सुबह करीब 16 मोर और उनके बच्चे बेहोशी की हालत में पड़े थे।
इसकी जानकारी गरुण गोविंद मंदिर के पुजारी धर्मेंद्र गौतम को शौच को जाते समय हुई तो उन्होंने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। इस दौरान लोगों ने जंगली जानवरों से मोर बचाने को मिट्टी से ढक दिए। आसपास के ग्रामीणों का मौके पर हुजूम लग गया। मौके पर 12 मोर मरे मिले। बाद में एक और मृत मोर पास में ही मिला।
राष्ट्रीय पक्षी मोर मरने की सूचना मिलते ही सीओ सदर विजय शंकर मिश्र, वन विभाग के रेंजर मुकेश मीना, इंस्पेक्टर वृंदावन सुबोध सिंह, जैंत चैकी प्रभारी व पशु चिकित्साधिकारी वृंदावन दीपेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे। मृत मोरों कब्जे में कर उनका पोस्टमार्टम कराया गया। बताया गया कि शनिवार शाम को मोर मर गए थे।
तीन मोर के बच्चों की सांस चल रही थी, उन्हें ग्रामीण लोकेंद्र घर ले गया था। उनका उपचार कराया गया। एक साथ इतनी संख्या में राष्ट्रीय पक्षी की मौत से लोगों में आक्रोश है। धर्मेंद्र गौतम ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।

मुकेश मीना, वन रेंजर:-
प्रथमदृष्टया खेतों में कीटनाशक का छिड़काव होने से पत्तियां, दाने, घास खाकर मोरों की मौत होने की संभावना है। मौत के कारण की सही जानकारी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चलेगी। DKS

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