प्राचीन परम्पराओं एवं ठाकुर बांकेबिहारी भोग, राग एवं सेवा में दखल बर्दाश्त नहीं

– मुखर होने लगे स्वर
वृन्दावन, 12 दिसम्बर 2017, (VT) ठा. बांकेबिहारी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं दुरस्त करने के नाम पर जिला प्रशासन की दर्शन समय सीमा बढ़ाने की योजना पर अब भक्तों के स्वर मुखर होने लगे हैं।
भक्तों का कहना है कि पहले प्रशासनिक व्यवस्थाओं में परिवर्तन आना चाहिए। दर्शन का समय बढ़ाकर ठाकुरजी की सेवा में खलल नहीं डाला जाना चाहिए। ठाकुरजी की जो राग सेवा स्वामी हरिदास ने शुरू की है, उसी प्रकार से उनकी सेवाएं अनवरत रूप से जारी रहनी चाहिए।
जिला प्रशासन ने ठा. बांकेबिहारी मंदिर प्रबंध कमेटी के प्रशासक मथुरा मुंसिफ के यहां पत्र देकर ठाकुरजी के दर्शन की समय सीमा आठ घंटे की जगह 12 घंटे करने की योजना बनाई है। प्रशासन का दावा है कि समय सीमा बढ़ाने से अधिक श्रद्धालुओं को दर्शन सुलभ होंगे और मंदिर के अंदर भीड़ का दबाव भी कम होगा।
सोमवार को दिल्ली करौलबाग से आए कन्हैया गुप्ता ने कहा कि वे हर महीने ठा. बांकेबिहारीजी के दर्शन करने आते हैं। उन्हें पता है कि किस समय ठाकुरजी के दर्शन होते हैं तो वे समय के अनुसार ही आते हैं। ठाकुरजी की सेवा में खलल बर्दाश्त नहीं होगा।
फरीदाबाद निवासी बाबू कुशवाह कहते हैं कि भाजपा सरकार के समय में ठा. बांकेबिहारीजी की सेवा में खलल डाले जाने की योजना समझ से परे है। भाजपा एक ओर तो राममंदिर निर्माण से लेकर सनातन धर्म और हिंदुओं के मठ मंदिरों की रक्षा की बात करती है। दूसरी ओर जगप्रसिद्ध ठा. बांकेबिहारी मंदिर की सेवा में दखल देकर मर्यादाओं का हनन करने की योजना बना रही है। यह किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगी। DKS

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