जब राधावल्लभ बने बांकेबिहारी, बांकेबिहारी के जयकारों से गूंजा राधावल्लभ लाल का प्रांगण

– खिचड़ी महोत्सव के दौरान राधावल्लभ लाल ने दिए छद्म भेष में दर्शन
वृन्दावन, 30 दिसम्बर 2017, (VT) नगर के ठा.राधावल्लभ मंदिर में प्रभु ने छद्म भेष में भक्तों को दर्शन दिए। ठा. बांके बिहारी के रूप में आराध्य का दश्रन करने के लिए भक्तों का तांता लगा। इसके बाद भक्तों ने खिचड़ी महोत्सव का भरपूर आनन्द लिया। ठा. राधावल्लभ लाल इन दिनों अपने भक्तों को छद्म वेश में दर्शन दे रहे हैं।
खिचड़ी महोत्सव के दौरान वह प्रतिदिन नए स्वरुपों मंगला दर्शन के पश्चात कुछ समय के लिए धारण कर रहे हैं। यह वर्षों पुरानी परंपरा एवं भगवान और भक्त के बीच के संबंधों की गहराई को सामने लाता है कि प्रभु अपने ब्रजवासी भक्तों को ब्रज के परिवेश एवं देवों के अलग-अलग रुप धारण कर दर्शन नित नए दर्शन दे रहे हैं।
खिचड़ी प्रसाद का भोग: राधावल्लभ मंदिर के सेवायत मनोजकुमार गोस्वामी ने बताया कि खिचड़ी महोत्सव में प्रभु भक्तों के लिए ब्रज के पारंपरिक रूपों में दर्शन दे रहे हैं। नित्यप्रति प्रभु मेवे से निर्मित खिचड़ी का प्रसाद ग्रहण कर रहे हैं। खिचड़ी भोग के दौरान भक्त एवं समाजी द्वारा खिचड़ी महोत्सव विषय पर आधारित चैंतीस पदों का सस्वर गायन किया जा रहा है। DKS

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