गो माता को मिले राष्ट्र का दर्जा : रमेश बाबा

– बरसाना में आयोजित गो भागवत कथा में संत सम्मेलन में विरक्त संत रमेश बाबा ने उठाई
वृन्दावन, बरसाना, 03 दिसम्बर 2017,(VT) प्रदेश से लेकर केंद्र तक हिंदुत्व की सरकार है इसलिए इस सरकार को राष्ट्र स्तर पर गो माता को दर्जा दिलाना चाहिए। यह बात गो भागवत कथा के दौरान आयोजित संत सम्मेलन में संत रमेश बाबा ने उठाई।
ब्रज के विरक्त संत रमेश बाबा के सानिध्य में चल रहे रस मंडप में गो भागवत कथा कार्यक्रम में शनिवार को संत सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें तमाम बड़े संत ने गो माता व यमुना मुददे पर चर्चा की। उक्त गो भागवत कथा व्यास साध्वी मुरलिका शर्मा द्वारा सुनाई जा रही थी। संत सम्मेलन में बोलते हुए महामंडलेश्वर चित्र प्रकाशनंद महाराज ने कहा कि यह वहीं ब्रज है जहां स्वयं श्रीकृष्ण ने गो चराकर पूरी दुनियां को गो भक्ति का संदेश दिया। लेकिन आज उसी कृष्ण के ब्रज में सबसे ज्यादा दुर्दशा गो माता की है।
महामंडलेश्वर नवल गिरी महाराज ने कहाकि ब्रज की महिमा यमुना और गो माता से होती है लेकिन आज ब्रज में न तो यमुना है और नहीं गो माता का कोई अस्तित्व है। व्यास चित्रलेखा ने कहाकि आज प्रदेश से लेकर केंद्र तक हिंदुत्व की पहचान रखने वाली सरकार है। लेकिन फिर भी गो माता को राष्ट्र स्तर का दर्जा नही मिला। वहीं सभी ब्रजवासियों को घर घर मे गाय का पालन करना चाहिए।
संत फुलडोल महाराज ने कहाकि भारत की पहचान हिंदूू से होती है लेकिन यह बहुत ही दुखद है कि हिंदूू समाज सो रहा है। चन्द्रशेखर बाबा ने कहा कि केंद्र में मोदी और प्रदेश में योगी है, लेकिन फिर भी गो वंश के हत्यारों में खौफ कम क्यों नहीं हो रहा। गोवंश की रक्षा के लिए कड़ा कानून बने और प्रत्येक हिंदूू गो माता की रक्षा के लिए आगे आए। मान मंदिर के कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री ने कहा कि भागवत कथा गो माता को समर्पित है। सम्मेलन में यमुना शुद्धिकरण को लेकर चलाए जा रहे अभियान को गति देने पर भी मंथन किया गया।
महामंडलेश्वर चित्र प्रकाशनन्द महाराज, महंत हरिबोल, महामंडलेश्वर नवल गिरी महाराज, व्यास चित्रलेखा, व्यास कुसुम, आरआरएस के विभाग प्रचारक धर्मेंद्रजी, नगर प्रचारक शिवप्रकाश, गो रक्षक दल के अध्यक्ष चन्द्रशेखर बाबा, मान मन्दिर के अध्यक्ष रामजीलाल शास्त्री, कार्यकारी अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री, सचिव सुनील सिंह, बदनदास गिरी महाराज, भागवत शरण महाराज, महेंद्र नोहवार, अजय सिकरवार, देवेन्द्र पहलवान, रासाचार्य श्यामसुंदर शर्मा, बरसाना शरण महाराज मौजूद थे। DKS

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