अधिकारियों ने किया मौका—मुआयना, यमुना में गंदगी उड़ेलते मिले नगर निगम के नाले

– हाईकोर्ट, एनजीटी में फिर भी प्रदूषण कम करने का दावा

– ज्यादा दिखा पंगु संचालन को छिपाने की हो रही कोशिश
वृन्दावन, 30 अक्टूबर 2017,(VT) हाईकोर्ट और एनजीटी में यमुना प्रदूषण कम होने का दावा करने वाले नगर निगम ने धरातल पर नालों की टै¨पग कराना भी जरूरी नहीं समझा है। हालत यह है कि तमाम घाटों पर नाले सीधे यमुना में गिर रहे हैं। यह स्थिति भी उसी की पंगु एसटीपी संचालन व्यवस्था के कारण बनी हुई है।
यमुना कार्ययोजना में 19 साल पहले नालों को बंद करने का दावा किया गया। इसके बाद साल 2012 सितंबर में हाईकोर्ट ने ही यमुना में प्लास्टिक और पालीथिन कचरा जाने देने से रोकने के लिए नालों के मुहाने पर लोहे की जाली लगाने का आदेश किया। इसके बाद भी पं¨पग स्टेशनों को जाने वाले नाले यमुना में सीधे प्रवाहित हो रहे हैं। मसानी एसपीएस पर ही, जहां दो बड़े पंप चलाने के दावे किए जा रहे हैं, वहां एसपीएस नाले का पूरा पानी नहीं ले पा रहा और बचा पानी सीधे यमुना में गिर रहा है। यहां यमुना में इतनी ज्यादा दुर्गंध है कि खड़ा होना भी मुश्किल है।
इससे थोड़ा आगे ही कंस किले का एक पाइप सीधे यमुना में खुला हुआ है तो गऊघाट पर आबादी का कचरा सीधे यमुना में समा रहा है। स्वामी घाट पर तो सुबह से लेकर दोपहर से ठीक पहले तक नालों का ओवरफ्लो होकर यमुना गिरना रोजाना की बात है। यहां एसपीएस लगा हुआ है, लेकिन यह स्वामी घाट और चैक बाजार की ओर से आने वाले जलीय कचरे को पूरी मात्र में नहीं ले पाता।
यही स्थिति बंगाली घाट, सूरज घाट से पहले और सूरज घाट की है तो ध्रुव घाट के समीप महादेव घाट पर बड़ा नाला आज तक बंद नहीं हुआ है। यहां भी भारी दुर्गंध बनी हुई है। हाईकोर्ट में यमुना प्रदूषण पर मुकदमा लड़ रहे मधु मंगल शुक्ला कहते हैं कि मथुरा में यमुना की दुर्गति से हाईकोर्ट को अवगत कराया जाएगा। अफसर अदालत को केवल गुमराह करने में लगे हुए हैं।
पंप संचालन में कोताही: दो माह पहले नगर विकास के प्रमुख सचिव मनोज कुमार सिंह ने निरीक्षण करते समय पुराने यमुना पुल के नीचे पाइप से टपक रहे गंदे पानी पर नाराजगी जताई थी। तब निगम के अफसरों ने उन्हें तर्क दिया कि ज्यादा पंप चलने से पाइप फटने की आशंका रहती है।
बावजूद इसके वह सभी पंप चलाने को कह गए, लेकिन पं¨पग स्टेशनों पर सभी पंप न चलाकर दो पंप चलाए जा रहे हैं। हालत यह है कि यमुना पार सीवेज फार्म पर जल निगम द्वारा नगर निगम को हैंड ओवर किया गया 16 एमएलडी का सीवेज पं¨पग स्टेशन सूखा पड़ा है। इसकी वजह से डेरी फार्म और बंगाली घाट एसपीएस का नियमित संचालन न होना है। DKS

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