हलफनामे में विरोधाभास देख हाईकोर्ट ने अपनाया कड़ा रूख, मुख्यसचिव गलत हलफनामा दाखिल करने वाले अधिकारी पर करें कार्रवाई : हाईकोर्ट

– मुख्यसचिव को छह नवंबर को रिपोर्ट पेश करने का आदेश

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वृन्दावन, 02 नवम्बर 2017,(VT) हाईकोर्ट ने मथुरा-वृंदावन में यमुना नदी प्रदूषित होने पर विभिन्न विभागों के हलफनामों में विरोधाभास देख कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने मुख्य सचिव को गलत हलफनामा दाखिल करने वाले अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई कर छह नवंबर को रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।
यह आदेश न्यायमूर्ति अरुण टंडन तथा न्यायमूर्ति राजीव जोशी की खंडपीठ ने मधु मंगल शुक्ल की जनहित याचिका पर दिया है। प्रदेश के मुख्य सचिव ने कोर्ट में व्यक्तिगत हलफनामा दाखिल किया। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व नगर निगम ने अपने हलफनामा में बताया है कि यमुना में प्रदूषण पर पूरी तरह से नियंत्रण नहीं हो पाया है। एसटीपी स्थापित करने के लिए राज्य सरकार से नगर निगम ने धनराशि स्वीकृत करने का प्रस्ताव भेजा है। जल निगम व जिलाधिकारी की तरफ से दाखिल हलफनामा में बताया गया कि नालों का शोधन हो रहा है और नदी में प्रदूषण नियंत्रित कर लिया है।
कोर्ट ने एडीजे मथुरा को मौके का निरीक्षण कर फोटोग्राफ के साथ यमुना के प्रदूषण की रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया था। साथ ही मुख्य सचिव को इन विभागों व एडीजे की रिपोर्ट पर विचार कर हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया था, जिस पर मुख्य सचिव ने हलफनामा दाखिल किया। कोर्ट ने मुख्य सचिव के हलफनामे के बाद गलत हलफनामा देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने का आदेश दिया है। DKS

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