तमाम आदेशों के बाद भी नहीं रेंगी जू, यमुना में अनवरत् गिर रहे शहर के नाले

– करोड़ों बर्बाद होने पर भी स्थिति जस की तस

– राजपुर नाले की वर्षों से नहीं हुई सफाई
वृन्दावन, 17 नवम्बर 2017, (VT) नगर में सीवर के दूषित पानी को सीवेज पम्पिंग स्टेशन से सीधे यमुना में डालने के लिए जलनिगम बाइपास लाइन तैयार कर रहा है। बगैर शोधन के अंग्रेजों के शासन काल में डाली गई लाइन से राजपुर से होकर यमुना में जाने वाले नाले से जोड़ने का कार्य तेजी से चल रहा है।
शासन एक बूंद सीवेज एवं नाले का दूषित पानी यमुना में न जाने के दावे कर रहा है। वहीं इसके उलट जलनिगम नगर के दूषित पानी को मुखर्जी पार्क मुख्य सीवेज पं¨पग स्टेशन से यमुना नदी तक पहुंचाने की कवायद कर रहा है। पिछले सात दिनों में तीन बार सीवर की मेन लाइन फट जाने के बाद जलनिगम को बदहाल सीवर एवं ड्रेनेज सिस्टम को लेकर चिंता सताने लगी।
जलनिगम के जेई नृपति सिंह एवं मुख्य ऑपरेटर मनोहर सिंह की देखरेख में बाईपास सिस्टम बनाया जा रहा है। इससे मुख्य सीवेज ट्रीटमेंट पर नगर के विभिन्न क्षेत्रों के पं¨पग स्टेशनों से आने वाले दूषित पानी को एसटीपी न पहुंचने की स्थिति में यमुना में बाईपास किया जा सकेगा। इसके लिए अंग्रेजी शासन काल में पुरानी वर्षों से बंद सीवर लाइन को इसके उपयोग में लाया जा रहा है।
यह सीवर लाइन मुखर्जी पार्क पं¨पग स्टेशन से तराश मंदिर मोड़ मथुरा मार्ग तक बिछी है। इसी लाइन को सेवाश्रम के सामने से राजपुर गांव में होकर यमुना के पक्के पुल के निकट से सीधे यमुना में जा रहे नाले से जोड़ा जा रहा है।
राजपुर नाले की वर्षों से नहीं हुई सफाई:-
जलनिगम द्वारा जिस नाले के लिए बाईपास लाइन तैयार की जा रही है, वह नाला जगह-जगह से वर्षों से सफाई न होने से राजपुर गांव से पहले ही पूरी तरह बंद है। स्थायी व्यवस्था की तैयारी रू जलनिगम के जेई नृपति सिंह एवं ऑपरेटर मनोहर सिंह ने बताया कि सीवर पं¨पग स्टेशन से सीधे यमुना में जाने वाले नाले से इस लाइन को बाईपास बनाया जा रहा है। यह लाइन करीब चार दशक पूर्व डाली गई थी, जो कि वर्षों से संचालित नहीं है। यह बाईपास की स्थायी व्यवस्था तैयार की जा रही है।
नगर में एक दर्जन से अधिक नाले हाईकोर्ट के आदेश के बाजवूद टैप नहीं किए गए। सभी नाले सीधे यमुना में जा रहे हैं। काबिलेगौर बात यह है कि जगह-जगह नगर के सीवर लाइन की वर्षों से सफाई न होने की स्थिति में मैनहोल ओवरफ्लो होने के कारण सीवर लाइन को नालों से बाईपास कर दिया गया है। वह नाले सीधे यमुना में गिर रहे हैं और नदी को प्रदूषित कर रहे हैं।
नगर के करीब छह एमएलडी दूषित पानी को एसटीपी तक पहुंचाने के लिए पूर्व में बने चार एमएलडी के अलावा समग्र विकास योजना में करीब 32 करोड़ की लागत से एक और आठ एमएलडी दूषित पानी शोधन की व्यवस्था की गई। लेकिन करोड़ों की धनराशि पानी की तरह बहाने के बावजूद नगर का सीवर और ड्रेनेज का पानी एसटीपी तक नहीं पहुंच पा रहा है। DKS

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