तप, उपासना एवं भक्ति के साथ सेवा के मार्ग पर भी चलाना सिखाया था स्वामी प्रणवानंद महाराज ने

वृन्दावन, 14 अक्टूबर 2017.(VT) भारत सेवाश्रम संघ में नियम सेवा अंतर्गत युगाचार्य स्वामी प्रणवानंद महाराज का आराधन महोत्सव धार्मिक अनुष्ठान के साथ मनाया गया। इस मौके पर हुई संगोष्ठी में स्वामी प्रकाश मुनि ने कहा कि स्वामी प्रणवानंद भगवान शिव के अवतार माने जाते हैं। उन्होंने भक्तों को तप और उपासना से भक्ति के साथ सेवा का मार्ग दिखाया।
महामंडलेश्वर स्वामी चित्तप्रकाशानंद ने कहा कि संत एवं आचार्यों का जीवन सदैव परोपकार के लिए है। महंत फूलडोल बिहारी दास ने कहा कि स्वामी प्रणवानंद ने समाज सेवा एवं पीड़ित मानवता की सेवा के साथ शिक्षा के क्षेत्र में प्रकल्प चलाकर समाज को शिक्षित करने की पहल की। इससे पूर्व स्वामी जी के चित्र पर माल्यार्पण कर पूजन किया। अतिथियों द्वारा वृद्ध माताओं को व वितरित किए गए।
इस अवसर पर महंत श्यामसुंदर दास, स्वामी नवल गिरि, महंत रामकृष्ण दास, महंत संतोष मुनि, महंत सतनाम दास, भरत दास भक्तमाली, शिवरूपानंद, स्वामी अर्पितानंद, स्वामी जीवात्मानंद, स्वामी आदित्यानंद, पूर्व न्यायाधीश अजित कुमार नायक आदि उपस्थित थे। संचालन बिहारीलाल वशिष्ठ ने किया। इसके साथ ही महंत स्वामी जगन्नाथानंद ने आभार जताया। DKS

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