आज के दिन भाई—बहन यमुना में स्नान करेंगे, तो नहीं जाना पड़ेगा यमपुरी, भैयादूज महास्नान आज

– मथुरा में विश्राम घाट स्थित मंदिर पर रहेगी श्रद्धालुओं एवं भक्तों की भीड़


– महास्नान को लेकर 1389 क्यूसेक स्वच्छ जल यमुना में छोड़ा
– महास्नान के लिए प्रशासन ने सारी तैयारियां की दुरूस्त
वृन्दावन, 21 अक्टूबर 2017,(VT) कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को भाई दूज का पर्व मनाया जाता है जिसे यम द्वितीया भी कहते हैं। एक प्राचीन कथा के अनुसार यमी (यमुना जी) जो कि यमराज की बहन हैं, कार्तिक शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को एक बार जब यमराज यमी (यमुना जी) के पास पहुंचे तो यमी ने अपने भाई यमराज की खूब सेवा सत्कार की। बहन के सत्कार से यमराज बहुत प्रसन्न हुए और यम ने प्रसन्न होकर उन्हें वरदान दिया कि इस दिन यदि भाई-बहन दोनों एक साथ यमुना जी में स्नान करेंगे तो उन्हें यमपुरी नही जाना पड़ेगा।
इसी कारण इस दिन यमुना नदी में भाई-बहन के एक साथ स्नान करने का बड़ा महत्व है। इसके अलावा यमुना जी ने अपने भाई से यह भी वचन लिया कि जिस प्रकार आज के दिन उनका भाई यम उनके घर आया है, हर भाई अपनी बहन के घर जाए। तभी से भाईदूज मनाने की प्रथा चली आ रही है। आज के दिन श्री यमुना जी विश्राम घाट (मथुरा) में भारी मेला लगता है और यम व यमुना जी के मंदिर में श्रद्धालुओं की बहुत भीड़ होती है।
यमद्वतीया (भाई दौज) पर होने वाले भाई-बहन के महास्नान के लिए यहां ऐतिहासिक विश्रम घाट समेत डेढ़ दर्जन से अधिक घाटों पर विशेष इंतजाम किए गए हैं। घाटों पर बेरिकेडिंग के साथ-साथ गोताखोर और मोटरबोट तैनात की गई है। नगर निगम ने प्रकाश व सफाई के विशेष इंतजाम किए हैं। शुक्रवार को डीएम ने अफसरों के साथ निरीक्षण किया। शुक्रवार को डीएम अर¨वद मलप्पा बंगारी, नगर आयुक्त डॉ.उज्जईवल कुमार, एसपी सिटी श्रवण कुमार, सीओ सिटी राकेश वशिष्ठ, सहायक नगर आयुक्त डॉ. ब्रजेश कुमार ने यमुना घाटों के साथ-साथ प्रमुख मार्गों का निरीक्षण किया। उनके साथ गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी भी थे। इन अफसरों ने बंगाली घाट से विश्रम घाट, चैक बाजार से विश्रम घाट और फिर होलीगेट तक पैदल भ्रमण किया। समीपवर्ती बाजार से अतिक्रमण हटवाया गया। यमुना में बहकर आ रही काई को स्कीमर मशीन की सहायता से साफ कराया गया। डीएम ने कहा कि स्नानार्थियों की सुरक्षा सर्वोपरि है।
विश्राम घाट के दक्षिण द्वार से यात्रि महास्नान को प्रवेश करेंगे, जबकि निकासी उत्तर द्वार से होगी। महास्नान कर श्रद्धालु धर्मराज व यमुनाजी के मंदिर के दर्शन करने और दीपदान करने जा सकेंगे।
1389 क्यूसेक स्वच्छ जल यमुना में छोड़ा, स्नान को यमुना में अतिरक्त साफ पानी छोड़ा गया है। इसमें 839 क्यूसेक पानी हिंडन कट से, 210 क्यूसिक गंगाजल हरनौल एस्केप से और ताजेवाला बांध से 340 क्यूसेक यमुना पानी छोड़ा गया है। जितना पानी ऊपर से छोड़ा जा रहा है, उतना ही गोकुल बैराज से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा।

एक उत्तर दें छोड़ दो

Your email address will not be published. Required fields are marked *