श्रीरंग मंदिर में मनी जन्माष्टमी, हजारों भक्त एवं श्रद्धालु ने गाई बधाईयां

– सबसे हटकर जन्माष्टमी के एक माह बाद श्रीरंग मंदिर में मनाया जाता है यह महोत्सव

 

वृन्दावन, 15 सितम्बर 2017,(VT) यहां जन्माष्टमी पर्व को बीते हुए एक माह पूर्ण हो गया वहीं दक्षिण भारतीय परम्परा के वृन्दावन स्थित श्रीरंग मंदिर में जन्माष्टमी महोत्सव मध्य रात्रि में 12 बजे बड़े धूमधाम से मनाया गया। भगवान श्रीगोदारंगमन्नार को बालकृष्ण का स्वरूप देते हुए मध्यरात्रि 12 बजे पंचगव्यों से महाभिषेक किया गया, परिसर में हजारों की संख्या मौजूद लोगों ने कृष्णजन्म का आनंद लिया।
मंदिर में महाभिषेक के समय पधारे श्रद्धालु एवं भक्तों जन्म की बधाईयां गाते हुए श्रीजन्माष्टमी का आनंद लिया, इस बीच महाआरती हुई तत्पश्चात् भगवान को खीर भोग लगाया गया। प्रभु का जन्माभिषेक हल्दी, तुलसी, दूध, दही, शहद, घृत, गौमूत्र एवं जल से किया गया।
वृन्दावन टुडे से बातचीत के दौरान रंग मंदिर के प्रबंधक राजकुमार सूद ने बताया कि निज मंदिर में उत्सव मूर्ति का महाभिषेक के पश्चात प्रभु का भव्य श्रृंगार किया गया और दक्षिण भारतीय पकवानों का भोग लगाया गया। विशेष खीर का भोग मंदिर की रसोई में दक्षिण भारतीय रसोइयों द्वारा तैयार जन्माष्टमी पर्व पर विशेष तौर से बनने वाली खीरान भोग बनाया।
एक विशेष प्रकार की चावल और दूध से बनी खीर में सभी तरह की मेवाओं का समिश्रण होता है। दक्षिण भारत की भाषा में मेवाओं की विशेष प्रकार की खीर को खीरान भोग का नाम दिया गया। प्रभु के जन्मोत्सव की इस विशेष और दक्षिण भारतीय धर्म परंपरा को देखने के लिए विशाल रंग मंदिर परिसर में भक्तों का तांता देर रात तक लगा रहा। भोग के पश्चात भगवान कृष्ण की जन्म आरती के दर्शन हुए। DKS