श्रीरंग मंदिर में मना नन्दोत्सव (लट्ठा का मेला), मुख्यद्वार पर विराज भगवान ने दिए दर्शन

-पानी और तेल की बौछार के मध्य पहलवानों ने ध्वजा हासिल की
– पहलवान केशव सिंह ने पाचवीं बार रिकार्ड ध्वजा एवं कलश प्राप्त किया
वृन्दावन, 15 सितम्बर 2017,(VT) ब्रज में जैसे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी एक दिन बाद खिलौने, वस्त्र, मिठाई, मेवा, उपहार लुटाकर नन्दोत्सव मनाया जाता है, ठीक वैसे ही श्रीरंगजी मंदिर दक्षिण भारतीय परम्परानुसार जन्माष्टमी के एक दिन बाद नन्दोत्सव (लठ्ठा का मेला) का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की शुरूआत मंदिर से हुई, श्रीगोदारंगमन्नार भगवान को रथ में विराजकर मंदिर की परिक्रमा लगाई एवं मुख्य पर उन्हें कार्यक्रम का साक्षी हेतु विराजा गया। क्योंकि जब तक भगवान मुख्य पर रहते है, तब तक पहलवान ध्वजा न हासिल कर लें। जब-जब पहलवान लट्ठे से गिरते हैं, तब-तब भगवान को प्रणाम करने द्वार पर जाते है।
जिसमें होता यह है कि एक लोहे के लट्ठे पर पानी और तेल की बौछार की जाती है जिस पर करीब 40 फुट ऊपर चढ़ा जाता है, और इस लट्ठे पर चढ़कर ऊपर पहुंच जाता है, वह उस उपहार और मक्खन की मटकी प्राप्त करता है।
हुआ यह पहलवानों द्वारा लट्ठे से गिरने के बाद घंटों जोर आजमाइश कर तेल और पानी की बौछार के मध्य पहलवानों ने ध्वजा हासिल की। पहलवान केशव सिंह ने इस बार लट्ठे पर चढ़कर ध्वजा एवं कलश प्राप्त किया। उन्होंने पांचवीं बार कलश प्राप्त कर रिकार्ड बनाया है। श्रद्धालु एवं भक्तों ने नंद के आनंद भयौ जय कन्हैया लाल की बोलकर पहलवानों की हौसला अफजाई की और भगवान के जयकारे लगाये।DKS

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