ब्रज फाउण्डेशन द्वारा आयोजित सांझी मेले का ब्रह्मकुंड पर भव्य समापन

वृन्दावन में ब्रज फाउण्डेशन द्वारा आयोजित सांझी मेले की झलकियां 

वृन्दावन, 12.09.2017 (VT Staff) : वृन्दावन के ब्रह्मकुंड पर चार दिन से चल रहा सांझी मेला बड़े भावपूर्ण वातावरण में 10 सितंबर की रात समापन हो गया। इस अवसर पर मेले के आयोजक ब्रज फाउंडेशन के अध्यक्ष विनीत नारायण और ब्रज संस्कृति के पुरोधा मोहन स्वरूप भाटिया जी ने सभी कलाकारों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। प्रशस्ति पाने वालों में सांझी के सभी कलाकार, विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थी, ग्रामीण अंचलों से आई महिलाऐं, सांझीलोक गीत गायक और सांझी लोककला को प्रस्तुत करने वाले कलाकार शामिल थे।

 

इस अवसर पर बोलते हुए श्री भाटिया ने ब्रज फाउंडेशन और उसकी टीम को इस ऐतिहासिक मेले की परंपरा को पुनः प्रारंभ करने के लिए बधाई दी। श्री नारायण ने सभी कलाकारों और अपनी टीम कें सहयोगियों सहित इस मेले को सफल बनाने में जुटे सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। विशेषकर ब्रज के श्रद्धेय संतगणों, गोस्वामीगणों, भागवताचार्यों और हजारों ब्रजवासियों का जिन्होंने इन चार दिनों में ब्रह्म कुंड पर आकर सांझी मेले का आनंद लिया और इसकी षोभा बढ़ाई। साथ ही उन्होंने मेले के आयोजन में सहयोग देने वाले उ0प्र0 पर्यटन विभाग, पंजाब नेशनल बैंक व जेकाॅम कंपनी का भी आभार व्यक्त किया।

चार दिवसीय साँझी मेले में सांझी कला के महात्म्य की प्रदर्शनी, सांझीकला के दृश्यों की प्रदर्षनी, सांझी लीला के पदों का षास्त्रीय गायन, रास द्वारा सांझी लीला का मंचन, संाझी साहित्य पर काव्य पाठ व विद्वत
संगोष्ठी, ब्रज के विद्यालयों के छात्रों की सांझी प्रतियोगिता, व संदीपनि मुनि विद्यालय की छात्राओं का ब्रह्म कुंड की सीढ़ियों पर ओढ़िसी नृत्य व पारंपरिक लोक नृत्य विशेष आकर्षण रहे। उल्लेखनीय है कि इस तीसरे ऐतिहासिक मेले का उद्घाटन भारत सरकार के ग्रामीण विकास मंत्री श्री नरेन्द्र सिंह तोमर ने किया था।

इस सांझी मेले में संजय सोनी द्वारा पानी के ऊपर फूलों द्वारा राधा-कृष्ण की लीलाओं की झांकियों की सांझी, विश्जीत दास द्वारा ब्रज की प्राचीन मनभावन लीलाओं का लकड़ी के पट्टों पर लीलाओं का रंगों से प्रदर्षन, राधावल्लभ सम्प्रदाय के रसिक बल्लभ नागार्च द्वारा श्रीमती राधारानी की प्राचीन दिव्य लीलाओं की फूलों द्वारा सांझी, सांझी के मर्मज्ञ सुमित गोस्वामी द्वारा ब्रज की प्राचीन धरोहरों को रंगों से उकेरना, शाहजहांपुर वालों की प्राचीन परंपरागत सांझी, गोबर की सांझी व ब्रज के विद्यालयों की मनुहारिक सांझियां दर्षकों के आकर्षण का केंद्र रही। मेले के आयोजन में ब्रज फाउंडेशन के प्रोजेक्ट मैनेजर जे.पी. सारस्वत, प्रेम सिंह, अमित नेहुलकर, आनंद यादव, श्यामसुंदर पाठक,, कन्हैया आदि की मुख्य भूमिका रही।

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