जयगुरुदेव ट्रस्ट से खाली कराए चार और गाटा

मथुरा, हाईकोर्ट के आदेश पर जिला प्रशासन ने रविवार को दिन भर की मशक्कत के बाद जयगुरुदेव संस्था की चहारदीवारी के अंदर की गैर विवादित 2.63 हेक्टेअर भूमि के शेष पांच में से चार गाटा खाली करा लिए। अंतिम गाटा की पैमाइश का काम रात आठ बजे बाद शुरू हुआ, जो आधी रात तक चली। अब चहारदीवारी को तोड़ने का काम शुरू हो सकता है।

जयगुरुदेव धर्म प्रचारक संस्था में जमीन की पैमाइश का काम रविवार सुबह 11 बजे शुरू हुआ। सबसे पहले जयगरुदेव पेट्रोल पंप के पास जरीब डाली गई, लेकिन यूपीएसआइडीसी के अफसर यही नहीं बता पा रहे थे कि हाईवे साइड में उनकी जगह कहां से शुरू हो रही है। इसके लिए भी राजस्व विभाग के अधिकारी लगाए गए, तब नाप-जोख शुरू हुई। बीच में संस्था के पदाधिकारियों ने शिकायत की कि जरीब एक जगह डालकर शुरुआत क्यों नहीं की जा रही। दोपहर बाद पैमाइश का काम तेजी से आगे बढ़ा। एडीएम वित्त रवींद्र कुमार के नेतृत्व में लेखपालों की टीम ने गैर विवादित 2.63 हेक्टेअर में शामिल गाटा संख्या तीन से पैमाइश शुरू कराई। इसके बाद देर शाम तक चार गाटा की पैमाइश की गई। इसमें तीन गाटा में शामिल भूमि आम रास्ते की निकली। दो गाटा की भूमि यूपीएसआइडीसी की निकली, जो उसको हस्तांतरित कर दी गई। एक गाटा की भूमि ग्राम पंचायत की निकली। ग्राम पंचायत अब मथुरा-वृंदावन नगर निगम में शामिल हो गई है, इसलिए यह भूमि नगर निगम को दे दी गई। इसके बाद चहारदीवारी तोड़ने का काम शुरू कराया जा सकता है। 1राजस्व वकील भी साथ नहीं : अपनी जमीन के मामले में यूपीएसआइडीसी के अधिकारी अनाड़ी साबित हो रहे हैं। शनिवार की पैमाइश के दौरान एडीएम ने भी उन्हें डांट पिलाई थी। बावजूद इसके रविवार को भी वे राजस्व विभाग पर निर्भर रहे।

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