कोसी नाले की वर्तमान स्थिति और पानी का लिया जाएगा सैंपल

– सामाजिक कार्यकर्ता आकाश वशिष्ठ की याचिका पर एनजीटी ने दिया आदेश

वृन्दावन, 23 सितम्बर 2017,(VT) यमुना प्रदूषण को लेकर सक्रिय नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने कोसी ड्रेन नाले की वर्तमान स्थिति एवं वहां से यमुना में छोड़े जा रहे पानी का सैंपलिंग कराए जाने का आदेश दिया है। यमुना रिवर फ्रंट विकास योजना के विरोध में सामाजिक कार्यकर्ता आकाश वशिष्ठ की याचिका पर गुरूवार को सुनवाई हुई। जहां कोर्ट ने कोर्ट ने अपने आदेश केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, आईटी रूड़की के वैज्ञानिकों व जलनिगम के अधिकारियों की एक संयुक्त टीम बनाकर पूरी जांच कराये जाने के आदेश दिए है।

याचिकाकर्ता आकाश वशिष्ठ ने बताया कि यमुना रिवर फ्रंट योजना के तहत नदी की जलधारा के मध्य इंटर सेप्टिंग लाइन डालकर कोसी ड्रेन नाले से निकल रहे पानी को वृन्दावन में कहीं आगे ले जाकर एसटीपी के माध्यम से शुद्ध करने का कार्य प्रस्तावित था। उन्होंने बताया कि नदी की जलधारा के बीच इंटरसेप्टिंग लाइन डालना गलत था। यह मानते हुए पूर्व में हाईकोर्ट ने इस पर स्टे लगा दिया था।

अब एनजीटी में यमुना रिवर फ्रंट से जुड़ी संस्था जलनिगम व सिंचाई विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट आदेश दिए हैं कि पहले कोसी नाले की वर्तमान स्थिति और वहां से यमुना में गिर रहे पानी की प्रदूषण क्षमता की जांच कराई जाए, ताकि कितनी क्षमता का एसटीपी  प्रोजेक्ट लगाने की आवश्यकता रहेगी यह पता चल सके। आकाश वशिष्ठ ने बताया कि मामले की अगली सुनवाई 25 सितम्बर को होगी। DKS

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