राज्यसभा में द्रमुक सांसद ने वृन्दावन की विधवाओं की दशा पर जताई चिंता

राज्यसभा द्रमुक सांसद त्रिची शिवा ने वृन्दावन की विधवाओं के रहन-सहन पर जताई चिंता 

वृन्दावन, 03 अगस्त 2017 (V.T.)। जैसा कि आप विदित है वृन्दावन में विधवाओं की स्थिति की बात किसी से छुपी नहीं हैं, चाहें उनके पीछे सरकार कितनी भी चितिंत हो या फिर विभिन्न संगठन यह दुहाई दे रहे हैं कि हम वृन्दावन की विधवाओं के लिए संवेदनशील है। लेकिन असल बात यह है कि विधवाओं का मुद्दा विभिन्न संस्थाओं के लिए दुधारू गाय की भांति सिद्ध हो रहा हैं, विधवाओं की वास्तविक समस्याओं के बात समाधान की ओर किसी का ध्यान नहीं हैं, ज्यादातर सभी संगठनों की स्थिति विधवाओं के नाम पर आने वाली फंडिंग की ओर लगी रहती है, यदि कोई काम सच्चे मन से न किया जाए तो मात्र रस्मअदायगी ही सिद्ध होती है।

कहीं न कहीं बुधवार को भी वृंदावन की विधवाओं की पीड़ा और बदहाल जिंदगी का मसला द्रमुक सांसद त्रिची शिवा ने राज्यसभा में उठाया। उन्होंने कहा कि विधवाएं नारकीय स्थिति में रह रही हैं, उससे मुंह मोड़ना समाज और सरकार के लिए ठीक नहीं होगा। शिवा ने कहा कि देश में वृन्दावन में सबसे ज्यादा विधवाएं निवास करती हैं, जो कि अपना परिवार त्यक्त, निराश्रित है। विधवाओं में अधिकांश होने के कारण इन पर कोई आय का जरिया न होने पर ये मांगने पर मोहताज है। उनके नाम सामाजिक संगठनों द्वारा फायदा उठाकर उनका शारीरिक शोषण भी किया जाता है।

शिवा ने कहा कि यह उनके बुनियादी मानवाधिकार का भी उल्लंघन है। द्रमुक सांसद ने कहा कि देखा गया है कि एक कमरे क्षमता से अधिक विधवाएं निवास करती हैं, उनके साफ-सफाई, रहन-सहन पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता, उनके शौचालय की जैसी हालत है वह सिहरन पैदा करने वाली है। इसीलिए राज्य और केंद्र दोनों सरकारों को संवदेनशीलता दिखाते हुए वृंदावन की विधवाओं की दयनीय हालत सुधारने के लिए कदम उठाना चाहिए। सांसद त्रिची शिवा के इस मुद्दे पर राज्यसभा के विभिन्न सांसदों ने समर्थन दिया।

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