यमुना के घाटों का संरक्षण करें भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण

-राजे-रजवाड़ों ने धर्मभाव से प्रेरित होकर जनहित में कराया था इनका निर्माण 

-देश की आजादी को 70 साल हो गए, लेकिन पुरातत्व विभाग ने इन घाटों को सजाने-संवारने की नहीं उठाई जहमत

 वृंदावन, 06 अगस्त 2017,(VT) सामाजिक कार्यकर्ता महंत मधुमंगल शरणदास शुक्ल ने रविवार को महानिदेशक को भेजे एक पत्र में यमुना के प्राचीन घाटों का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण द्वारा अधिग्रहण कर इनका संरक्षण एवं संवर्द्धन किए जाने की मांग की है।  पत्र में उन्होंने कहा कि वृन्दावन में यमुना नदी के प्राचीन लगभग 52 घाट हैं, सैकड़़ों वर्ष पूर्व देश के तत्कालीन राजे-रजवाड़ों द्वारा धर्मभाव से प्रेरित होकर जनहित में प्रतिवर्ष वृन्दावन में दर्शन, भ्रमण एवं यमुना स्नान आने वाले हजारों तीर्थयात्रियों की सुविधा हेतु इन घाटों का निर्माण कराया।, इनका अपना इतिहास हैं, देश की आजादी को 70 वर्ष पूूरे होने जा रहे हैं, लेकिन भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इन घाटों की सुन्दर श्रृंखला को सजाने और संवारने की ओर कभी ध्यान ही नहीं दिया, यह विरासत आज भी अपनी दुर्दशा पर आंसू बहा रही है।

उन्होंने बताया कि वृन्दावन के ब्रजवासियों की पहल पर कूड़े एवं मलबे में धंसे बिहार घाट को जिस प्रकार पुनजीर्वित किया गया हैं, ठीक वैसे ही एएसआई इन सभी घाटों का अधिग्रहण कर इनको पुनजीर्वित करें, शासन-प्रशासन की उपेक्षा के कारण प्राचीन घाट लगातार जमींदोज होते चले जा रहे है।

यदि भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण थोड़ा सा ध्यान दे दें तो वृन्दावन में घाटों की पुरानी श्रृंखला निकल सकती हैं, यमुना के किनारे हजारों वृक्षों के रोपण होने वृन्दावन परिक्रमा के पुनः गुलजार होने से प्रतिवर्ष लगभग आने वाले 8 करोड़ तीर्थयात्रियों एवं स्थानीय भक्त-वैष्णवों को इसका आनंद मिलेगा, पेयजल, पर्यावरण संरक्षण होगा तथा माननीय सुप्रीम कोर्ट, एनजीटी, उच्च न्यायालय आदि के द्वारा समय-समय पर दिये गये आदेशों की वर्तमान में जो धज्जियां उड़ रही हैं, उन आदेशों का भी सम्मान हो सकेगा, तीर्थांटन व पर्यटन को भारी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि एएसआई को चाहिए कि वह यमुना के प्राचीन घाटों का अधिग्रहण करें, जिससे यहां पर आने वाले श्रद्धालुओं को वृंदावन दर्शन की प्राचीनता और अलौकिक सुख मिल सके। इससे यहां के स्थानीय लोगों को भी भारी रोजगार मिलेगा, साथ ही तीर्थाटन एवं पर्यटन में इजाफा होगा। DKS

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