प्राचीन रंगजी मंदिर में हुई गजेंद्र मोक्ष लीला

-भगवान गोदारंगमन्नार पालकी में विराजकर मंदिर के बाहर स्थित पुष्करनी पर पधारे

वृन्दावन, 08 अगस्त 2017, (VT)सोने के खंभे नाम से प्रसिद्ध वृन्दावन में प्राचीन रंगजी मंदिर में सोमवार को गजेंद्र मोक्ष लीला का आयोजन किया गया, वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ ठाकुर जी का पूजन किया एवं लीला को देखने के लिए स्वयं भगवान गोदारंगमन्नार पालकी में विराजकर मंदिर के बाहर स्थित पुष्करनी पर पधारे।

इस मौके पर हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ दर्शन करने को मंदिर परिसर में उमड़ पड़ी। लीला का देख भक्त आनंदित हो उठे और भगवान की जय-जयकार करने लगे।

इस अवसर पर रामानुज सम्प्रदाय के विद्वान आचार्य नरेशनारायण ने गजेंद्र मोक्ष लीला का वर्णन करते हुए बताया कि गजेंद्र मोक्ष भगवान की अद्भुत लीला है, जिसमें भक्त गजेंद्र है, जो भगवान की सेवा के लिए पुष्प लेकर पुष्करणी सरोवर से गुजर रहा होता है और ग्राह यानि मगर ने इसके पैर को दबोच लिया है, ऐसे में गजेंद्र भगवान के शरणागत होकर भगवान से प्रार्थना करता है कि आपके अलावा कोई नहीं बचा सकता है। इसलिए आप मुङो ग्राह से मुक्त करिए। प्रार्थना सुनकर भगवान श्रीमननारायण गरुण को भी छोड़कर अति वेग से प्रकट होकर गजेंद्र को ग्राह से मुक्त करते हैं।DKS

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