प्राचीन घाटों पर फिर बिहार करती यमुना रसरानी, छाई रौनक

-वहीं जलस्तर बढ़ने से खादर में बसी काॅलोनियों के वाशिंदों में हैं दहशत का माहौल

वृन्दावन, 10 अगस्त 2017,(VT) पहाड़ों पर हो रही झमाझम बारिश के कारण यमुना में बढ़ते जलस्तर एक तरफ तो वृन्दावन के यमुना संचरण क्षेत्र एवं वृन्दावन के प्राचीन घाटों पर बिहार करती यमुना मैया  के विहंगम और विशाल रूप का दर्शन कर तीर्थयात्री एवं श्रद्धालुगण अपना सौभाग्य समझ रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर खादर में बसी अवैध बसावट में रह रहे लोगों के लिए यह परेशानी का सबब बन सकती हैं, पानीघाट स्थित घरों तो यमुना का पानी भी घुस गया है।

श्रद्धालु एवं भक्तजनों का कहना है कि प्राचीन घाटों पर यमुना का वैभव पुनः लौट आया हैं, इसको देखकर प्रसन्नता हो रही है। यमुना मैया में सदैव बारह मास इसी तरह का दर्शन दें तो बहुत अच्छा रहेगा। बाढ़ के जल को सुरक्षित रखने के लिए यमुना संचरण क्षेत्र में तालाब और कुण्डों का निर्माण व यमुना के दोनों ओर सघन वृक्षावली होनी चाहिए ताकि श्रीकृष्ण का ब्रज अत्यन्त ही सुरम्य और रमणीक दिखाई दें।

आज ही प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आहवान किया है कि यदि हम प्रदेश में गंगा-यमुना व अन्य नदियों की दुर्दशा को नहीं रोक पायें तो यह क्षेत्र रेगिस्तान बन जायेगा।

केन्द्र सरकार और राज्य सरकार को चाहिए कि मनरेगा के अन्तर्गत यमुना संचरण क्षेत्र में तालाब और कुण्डों का निर्माण कराए, इससे एक ओर यमुना शुद्धीकरण को बढ़ावा मिलेगा, वहीं सघन वृक्षावली से वातावरण में आक्सीजन की उपलब्धता रहेगी। पशु-पक्षियों को नैसर्गिक वातारण व आसापास के क्षेत्रों को भूगर्म जलस्तर में सुधार होगा। DKS

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