इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वृन्दावन में वृक्षों की दयनीय हालत पर जताई चिंता, डीएम से मांगा हलफनामा

-डीएम मौके पर जाकर पेड़ों की रंगीन फोटोग्राफ के साथ दाखिल करें हलफनामा— हाईकोर्ट

-वृन्दावन में कितने पेड़ काटे, कितने पेड़ लगाये गये, लगाये गये पेड़ों में कितने बचे हैं, 

वृन्दावन, 24 अगस्त 2017, (VT) इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मथुरा—वृन्दावन विकास मार्ग के चौड़ीकरण के चलते वन विभाग के सड़क किनारे हजारों की संख्या में पेड़ काटने के खिलाफ याचिका पर वन विभाग के अधिकारी व ​जिलाधिकारी से हलफनामा मांगा है।
कोर्ट ने पूछा है कि कितने पेड़ काटे गये और कितने पेड़ लगाए गए, लगाये गये पेड़ों में से कितने बचे है। कोर्ट ने जिलाधिकारी मथुरा को मौके का निरीक्षण कर लगाये गये पेड़ों की रंगीन फोटोग्राफ के साथ हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है। साथ ही सचिव से भी जवाब मांगा है। याचिका की अगली सुनवाई 5 सितम्बर 2017 को होगी।

यह आदेश न्यायमूर्ति अरूण टंडन तथा न्यायमूर्ति ऋतुराज अवस्थी की खंडपीठ ने महंत मधुमंगल शरण दास शुक्ला की जनहित याचिका पर दिया है। याची का कहना है कि बिना केन्द्र सरकार की अनु​मति लिए हजारों की संख्या में पेड़ काट डाले गये और जिला प्रशासन ने कोई पेड़ नहीं लगाये, जो भी पेड़ लगे हैं वह एनजीओ ने लगाये है, जिसमें से कई सूख हैं, जिलाधिकारी कोर्ट को सही जानकारी नहीं दे रहे है। जिलाधिकारी के हलफनामे में कहा गया है कि 2010—11 में 2 हजार पेड़ लगाये गये। मथुरा—वृन्दावन में 4950 पेड़ लगाये गये है। याची का कहना है कि संरक्षिक वन क्षेत्र के पेड़ काट डाले गये है। इस पर कोर्ट ने पेड़ों की स्थिति पर विस्तृत जानकारी मांगी है।DKS

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