जन्माष्टमी पर 51 किलो चांदी से निर्मित रत्नजड़ित कामधेनु से ठाकुर जी का होगा अभिषेक

– आभा कुछ ऐसी होगी, स्वर्णजड़ित कामधेनु के पयोधर से निकली दुग्धधारा से अभिषेक करेंगे ठाकुर जी

– जन्माष्टमी पर ठाकुर जीे कुसुम वेलि पोशाक धारण कर नील मयूर कुंज बंगले में विराजेंगे

– जन्माष्टमी पर सवा सौ मन लड्डुओं का स्वाद चखेंगे भगवानश्रीकृष्ण

वृन्दावन, 11 अगस्त 2017,(VT) श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विश्व पटल पर आस्था का केन्द्र मथुरा-वृन्दावन अपनी ऐतिहासिक छाप छोड़ने को बेताब है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान द्वारा जन्माष्टमी को लेकर सारी तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं, जानकारी देते हुए जन्मस्थान के सचिव कपिल शर्मा ने बताया कि अबकी बार स्वर्ण जड़ित कामधेनु स्वरूपा गो प्रतिमा से निकलती दुग्धधार से अर्द्धरात्रि में भगवानश्रीकृष्ण का अभिषेक किया जाएगा।

तत्पश्चात् ठाकुर जी कुसुम वेलि पोशाक धारण करा विशेष श्रृंगार करके नील मयूर कुंज बंगले में विराजा जाएगा, श्रद्धालु अर्द्धरात्रि में अभिषेक के बाद रात डेढ़ बजे तक ठाकुरजी के दर्शन कर सकेंगे। जानकारी देते हुए शर्मा ने बताया कि ठाकुर जी की कुसुम वेलि पोशाक रेशम, जरी, सिल्क, रतन आदि रत्नजड़ित वस्तुओं से मिलकर बनी हैं, जिसे कि ठाकुर जी अर्द्धरात्रि में अभिषेक के पश्चात् धारण करेंगे, ठाकुर जी चित्ताकर्षक छवि को निहारने के लिए भक्तों की एक अलग आभा होगी। श्रीकृष्ण जन्मभूमि के विभिन्न द्वारों को भगवान की प्रिय लीलाओं से सुसज्जित किया जाएगा, भागवत भवन की सज्जा कमल पुष्प, कमलाकृति, मक्खन की मटकी, पुष्प आदि के संयोजन से कर इसे नील मयूर कुंज स्वरूप दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि शास्त्रीय मान्यता है कि गोमाता में सभी देव वास करते हैं। राजस्थान के प्रसिद्ध कारीगरों का 51 किलो चांदी से कामधेनु की नयनाभिराम विग्रह बनाया गया हैं, जिससे ठाकुर जी को अभिषेक कराया जाएगा, आभा कुछ होगी ऐसी होगी कि गौमाता के पयोधर से निकली दुग्धधारा से ठाकुर जी अभिषेक कराया जायेगा। अभिषेक से पूर्व वैदिक मंत्रोच्चारण विधि के साथ देवताओं का आह्वान कर गौमाता का पूजन किया जाएगा, तत्पश्चात् उसी कामधेनु से ठाकुर का अभिषेक किया जाएगा।

समाजसेवी गोपेश्वरनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर ठाकुर जी का सवा सौ मन लड्डुओं का भो लगाया जाएगा। व्यवस्थाओं पर बताते हुए कहा कि जन्माष्टमी पर  बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं एवं भक्तों के लिए किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी, भोजन, पेयजल आदि व्यवस्थाओं भक्तों एवं श्रद्धालुओं को मुहैया कराई जाएगी।DKS

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