हमारी संस्कृति यमुना-गंगा, गौमाता एवं धरोहर बचाने पर दिया जाए जोर- श्रीजी महाराज

वृन्दावन, 30 जुलाई 2017, (VT) श्रीधाम वृन्दावन में पधारे जगद्गुरु निम्बार्कपीठाधीश्वर श्याम शरण श्रीजी महाराज ने शनिवार को श्रीजी की बड़ी कुंज, रेतिया बाजार में एक पत्रकार वार्ता को आयोजित करते हुए कहा कि वृन्दावन श्रीराधाकृष्ण की नित्य रासस्थली हैं, यहां की श्रीरज में चरण रखते ही भक्ति एवं आध्यात्मिकता का मधुरतम् आभास होने लगता है।

श्रीजी महाराज ने आज के दौर में हमारी संस्कृति यमुना-गंगा की हालत पर चिंता जताई और कहा कि यमुना एवं गंगा को बचाने के लिए कई बार देशभर में कितने आंदोलन हुए, लेकिन अभी तक सफलता नहीं पाई हैं, हमें आपसी मनमुटाव, संगठनवाद की राजनीति को छोड़कर हमारी संस्कृति, धरोहर को बचाने पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।
श्रीजी महाराज ने देश में बढ़ते गोवंश पर अत्याचार की रोकथाम होनी चाहिए, हमारी सरकार को गौमाता को राष्ट्रीय पशु घोषित करना चाहिए, सनातन धर्मावलंबियों का कर्तव्य है कि हमारी संस्कृति गाय की रक्षा करें। मगर, गाय की रक्षा करते में किसी अपराध से जुड़े ये भी उचित नहीं। कहा कि सरकार को भी चाहिए कि गौभक्तों को अपराधी न माने। देश में शांति व्यवस्था के साथ कानून का राज स्थापित करना सरकार का उद्देश्य है। गौभक्त भी कानून के तहत अपने कर्तव्य का पालन करें।DS

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