शीट पाइलिंग के कारण वृन्दावन में लगातार गिरते भूगर्भ जलस्तर को लेकर एनजीटी में याचिका दायर

वृन्दावन,16.07.2017 (V.T.) यमुना में डाली जा रही शीट पाइलिंग से भूगर्भ जलस्तर गिर गया है, जिससे वृन्दावन के विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल की समस्या बनी हुई है। इस संबंध में एनजीटी में एक नई याचिका दाखिल की गई है। मामले में एनजीटी ने सरकार से अगली सुनवाई 24 जुलाई को अपना जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।

यमुना किनारे चल रहे रिवर फ्रंट में शीट पाइ​लिंग डलने से यमुना के समवर्ती क्षेत्रों में जलस्तर हद से ज्यादा नीचे गिर गया हैं, तीन ओर यमुना से घिरे वृन्दावन में वाराह घाट से लेकर अक्रूर घाट तक शीट पाइलिंग होने से जलस्तर प्रभावित हुआ है। जिससे आसपास के क्षेत्रों में शीट पाइलिंग के जरिए घाटों से यमुना को दूर करके जमीन आगे बढ़ाई जा रही है, प्राचीन घाटों को दबा दिया गया है। भू-माफिया को बढ़ावा दिया जा रहा है। यमुना के प्रवाह को गलत दिशा दी जा रही है।

इन्हीं सब तथ्यों को लेकर शुक्रवार को एक नई जनहित याचिका वृन्दावन के मदनमोहन मंदिर के सेवायत विजय किशोर गोस्वामी ने दायर की है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अमित खेमका ने दमदारी के साथ अपना पक्ष एनजीटी के समक्ष रखा और बताया कि सिंचाई विभाग द्वारा कोर्ट को गुमराह करके सीट पाइलिंग की अनुमति ली गई। याची अधिवक्ता विजय कुमार गोस्वामी ने आरोप लगाया है कि आर्डर का दुरुपयोग किया जा रहा है। मामले की सुनवाई करते हुए एनजीटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति स्वतंत्र कुमार ने शासन से 24 जुलाई को अगली सुनवाई में जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं।

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