मथुरा—वृन्दावन नगर निगम को लेकर हाईकोर्ट में हुई सुनवाई

वृन्दावन, 19 जुलाई 2017 (VT): योगी सरकार द्वारा पिछले दो माह पूर्व नगरपालिका परिषद्, वृन्दावन और नगरपालिका परिषद्, मथुरा को मिलाकर मथुरा—वृन्दावन ​नगर निगम बना दिया था। जिस पर करीब नगर में एक माह तक नगर के प्रबुद्ध लोगों द्वारा चुंंगी चौराहे पर धरना भी दिया गया था, लेकिन कोई कार्यवाही न दिखने पर सामाजिक कार्यकर्ता महंत मधुमंगल शरण दास ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।

इस संबंध में दायर जनहित याचिका की सुनवाई उच्च न्यायालय इलाहाबाद के मुख्य न्यायाधीश डी.बी.भौंसले एवं न्यायमूर्ति एम.के.गुप्ता की खण्डपीठ ने की। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अनुरूद्ध चतुर्वेदी ने वृन्दावन को नगर निगम में शामिल न किये जाने को लेकर कई तथ्यों पर चर्चा भी की, एवं वृन्दावन को निगम में शामिल करने के बाद होने वाली समस्याओं से अवगत कराया। जिस पर न्यायालय ने मामले को अगली तारीख दे दी। अगली सुनवाई 1 अगस्त को होगी।

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