ब्रज तीर्थ विकास परिषद का होगा गठन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ

वृन्दावन, योगी सरकार ने लोकभवन में हुई कैबिनेट की बैठक में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद् के गठन को मंजूरी देते हुए प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। यह परिषद तीर्थ स्थलों के विकास का काम करेगा। बैठक में उप्र बृज नियोजन और विकास बोर्ड अधिनियम में संशोधन विधेयक, 2017 के अलावा नई शीरा नीति 2017-18 समेत कुल छह फैसले किए हैं।
दिल्ली-सहारनपुर-यमुनोत्री मार्ग पर उत्तराखंड सीमा तक करीब दो सौ किलोमीटर सड़क को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित किए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी और एनओसी देते हुए इसे केंद्र को भेजने का फैसला किया। इस मार्ग पर फोर लेन का निर्माण अब राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण करवाएगी। पहले इसके निर्माण की जिम्मेदारी यूपी राजमार्ग प्राधिकरण को सौंपी गई थी लेकिन, इसमें घोटाले के चलते योगी सरकार ने सीबीआई जांच की संस्तुति की थी। सीएम बनने के बाद ही योगी ने प्रदेश के तीर्थ स्थलों के विकास पर जोर दिया था। कैबिनेट से ब्रज तीर्थ विकास परिषद के प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के साथ ही तीर्थ स्थलों के विकास की राह आसान हुई है। यह फैसला तब हुआ जब योगी सरकार ने अपने पहले बजट में तीर्थ स्थलों के लिए विशेष योजनाएं शुरू की हैं।
कैबिनेट ने नई शीरा नीति को मंजूरी देते हुए चीनी मिलों को राहत दी है। अब चीनी मिलों को 25 के बजाय 20 फीसद ही शीरा आरक्षित रखना होगा। कैबिनेट ने बलिया जिले के रसड़ा में 400 केवी विद्युत उपकेंद्र के निर्माण के लिए हथकरघा विभाग की जमीन हस्तानांतरित करने को मंजूरी दी है। कैबिनेट ने कताई मिल की 76.31 एकड़ भूमि से 26.16 एकड़ भूमि का हस्तांतरण किया जाना है। दंत सर्जन सेवा नियमावली 1979 द्वितीय संशोधन को भी मंजूरी मिली है। अब दंत चिकित्सकों की प्रोन्नति भी सामान्य चिकित्सकों की तरह हो सकेगी। एमबीबीएस डॉक्टरों को सेवाकाल में प्रोन्नति के सात अवसर मिलते थे, जबकि बीडीएस चिकित्सकों के पास दो से तीन अवसर ही थे। डेंटल सर्जन की सेवा नियमावली को मंजूरी मिलने के बाद अब उन्हें भी एमबीबीएस डॉक्टरों के समान प्रोन्नति के मौके मिल सकेंगे।

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ब्रज तीर्थ विकास परिषद के अध्यक्ष होंगे मुख्यमंत्री

कृष्णा सर्किट में आने वाले ब्रज क्षेत्र के तीर्थो के विकास के लिए ‘ब्रज तीर्थ विकास परिषद’ के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अध्यक्ष होंगे। उनके सहयोग के लिए उपाध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीइओ) भी नियुक्त होंगे। स्वदेश दर्शन योजना के तहत कृष्णा सर्किट में आने वाले मथुरा, वृदांवन, गोकुल, नंदग्राम, गोवर्धन परिक्रमा और इसके आसपास के तीर्थो को विकसित करने के लिए प्रदेश सरकार ने केंद्र की मदद से यह महत्वाकांक्षी योजना तैयार की है। अकेले गोवर्धन क्षेत्र के विकास और इसके परिक्रमा मार्ग के चारो ओर चार लेन में बनने वाली सड़क और श्रद्धालुओं के लिए बुनियादी सुविधाओं के विकास पर 4500 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है।

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