प्राचीन परम्परानुसार वाहन और चरणपादुका छोड़ पहली बार वृन्दावन पधारे श्रीजी महाराज

 

वृन्दावन, 26 जुलाई 2017,(VT): श्री निम्बाकाचार्य पीठाधीश्वर जगद्गुरु श्यामशरण देवाचार्य श्रीजी महाराज गद्दीनशीन होने के बाद पहली बार वृन्दावन पधारे।
श्रीजी महाराज ने पूर्व की भांति पवित्र भूमि की मर्यादा एवं निम्बार्क पीठ द्वारा पूर्व में किए गए नियमों का निर्वहन करते हुए वृन्दावन की सीमा में प्रवेश करने से पूर्व अटल्लाचुंगी पर वाहन और चरणपादुका दोनों छोड़ श्रीधाम वृन्दावन में प्रवेश किया, बदलते परिवेश में इस प्रकार से परपंराओं का निर्वहन करते देख श्रद्धालु भी श्रीजी महाराज के पीछे चल पड़े।

जगह-जगह स्वागत और आरती का दौर शुरू हुआ। श्रीजी महाराज के पहली बार वृंदावन आगमन पर भक्तों एवं श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। वृन्दावन के प्रमुख मार्गो पर धार्मिक और सामाजिक संस्थाओं ने श्रीजी महाराज का स्वागत करते हुए माल्यार्पण एवं स्मृति- चिन्ह भेंट किए।DS

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