निगम बनने से मूलभूत सुविधाओं से अछूता हुआ वृन्दावन

वृन्दावन 16 जुलाई 2017 (VT), नगर निगम की घोषणा होेने के बाद लगभग दो माह से मथुरा-वृन्दावन में विकास कार्य अटके पड़े है। दोनों ही जगह पेयजल एवं सफाई जैसे मूलभूत सुविधाएं अभी अभावग्रस्त है। ठीक वैसे ही सरकार ने मथुरा-वृन्दावन नगर निगम के लिए नगर आयुक्त डा. उज्जवल कुमार की भी तैनाती कर दी गई हैं, लेकिन एक पखवाड़ा होने के बाद भी अभी तक नगर आयुक्त ने भी चार्ज ग्रहण नहीं किया है। नगरपालिका परिषद् मथुरा और वृन्दावन के अलावा 50 से अधिक ग्रामों की भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। इक्का-दुक्का स्थानों पर वही कार्य हो रहे हैं, जो पूर्व में स्वीकृत थे। किसी भी नये कार्य की स्वीकृति तो दूर इस मुद्दे पर विचार करने वाला भी कोई नहीं।
 सूत्र की मानें तो नगर निगम बनने से पूर्व करीब दर्जन भर कार्यों को स्वीकृति का इंतजार था लेकिन वे कार्य भी अब अटक गए है। कहीं पुलिया निर्माण का कार्य अटका है तो कहीं सड़क की इन्टरलाकिंग के कार्य में देरी हो रही है। निगम बनने से वृन्दावन जैसी धार्मिक नगरी की छवि गंदगी एवं अधूरे पड़े निर्माण कार्यों से और धूमिल हो रही है। नगर निगम होने के बाद एक सर्वे किया गया जिसमें वृन्दावन के विद्यापीठ चैराहा, बांकेबिहारी मदिर मार्ग, वीआईपी पार्किंग, बनखंडी, छीपीगली, श्रृंगारवट, गोपीनाथ बाजार, रंगजी मंदिर, अनाजमण्डी आदि और भी समस्त प्रमुख क्षेत्रों में सड़कों पर भारी मात्रा में गन्दगी पसरी मिली। और जब कुछ क्षेत्रों में जब पता किया गया कहीं पेयजल 15 दिन से नहीं आ रहा। मानीटरिंग के अभाव में वृन्दावन के परिक्रमा मार्ग एवं श्रृंगारवट स्थित डलाबघर पर कूड़ा जलता मिला।

नगर निगम के गठन के बाद अवैध कब्जों की शिकायतें भी बढ़ी है। फोगला आश्रम से लेकर विद्यापीठ चैराहा एवं परिक्रमा मार्ग में कई स्थानों पर यहां लकड़ी के खोखे रख दिए गए है, वहीं कई खोखों की आड़ में पक्का निर्माण कराया जा रहा है।
सहायक नगर आयुक्त ब्रजेश सिंह का कहना है कि नगर में सफाई और पेयजल की व्यवस्था पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। यदि कही पर किसी अतिक्रमण की शिकायत मिलती है तो त्वरित कार्यवाही की जाएगी। शासन द्वारा नियुक्त नगर आयुक्त अगर शीघ्र ही चार्ज ले लेते है तो नवीन कार्यों भी जल्दी ही स्वीकृत हो जाएंगे। DS

एक उत्तर दें छोड़ दो

Your email address will not be published. Required fields are marked *