प्रशासन की लापरवाही के कारण भगवान जगन्नाथ की इस बार शहर में नहीं निकल पाएगी शोभायात्रा

-शोभायात्रा निकलने वाले मार्ग की हालत बेहद खराब

-गोपी-उद्धव संवाद स्थल की परिक्रमा कर लौटेंगी मंदिर को

-खराब सड़कों के चलते शहर में नहीं आएंगे भगवान जगन्नाथ

वृंदावन, 2017.06.15 (VT) : एक तरफ प्रशासन जहां नगर को विकासशील बनाने का दम्ब भर रहा हैं, वहीं वृन्दावन आज भी अच्छी सड़क एवं बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहा है। जिसका असर मंदिरों की प्राचीन परम्पराओं पर पड़ रहा हैं।
नगरपालिका परिषद्, वृन्दावन गत समय में करोड़ों रूपये की लागत से नवीन सड़कें बनाने का दावा कर रही हैं, लेकिन आज भी वृन्दावन की प्राचीन गलियां जो कि सड़क जैसी सुविधाओं से अछूती दिख रही है। जिसका सीधा असर मंदिरों की प्राचीन परम्परा जैसे 25 जून को नगर में निकलने वाली भगवान जगन्नाथ रथयात्रा इस बार भी पूर्व की तरह नहीं निकलेगी।
सड़कों की हालत को देखते हुए जगन्नाथ मंदिर के महंत स्वामी ज्ञानप्रकाश पुरी ने शहर में भगवान जगन्नाथ के रथों का भ्रमण न कराने का निर्णय लिया है। यह ज्ञानगुदड़ी तक की परिक्रमा के बाद मंदिर लौट जाएंगे। आगामी 25 जून को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा निकाली जानी है, मगर जिस रास्ते से भगवान के रथ गुजरेंगे, उनकी हालत बेहद खराब है। भगवान का रथ हर साल जगन्नाथ घाट स्थित जगन्नाथ मंदिर से भ्रमण को निकलता है। रथ ज्ञानगुदड़ी होते हुए गोपीनाथ बाजार से शहर की गलियों में प्रवेश करता है। फिर रंगजी मंदिर, नगरपालिका, अनाज मंडी, वनखंडी, लोई बाजार, शाहजी मंदिर, राधारमण मंदिर और गोपीनाथ मंदिर होते हुए ज्ञानगुदड़ी वापस होता है। भगवान सप्तदेवालयों गोविंददेव, गोपीनाथजी, मदनमोहन जैसे देवालयों से नगर भ्रमण करते हुए गोपी-उद्धव संवाद स्थल ज्ञानगुदड़ी पहुंचते हैं। इस पवित्र स्थल की परिक्रमा करने के बाद भगवान के ये रथ पुनः मंदिर को लौटते हैं, लेकिन ज्ञानगुदड़ी से लेकर गोपीनाथ बाजार की सड़क बेहद खराब है। इस मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।
हालांकि कुछ समय पहले ही वृंदावन पालिका ने यहां आधा किलोमीटर की दूरी में टाइल्स बिछाई थी, लेकिन वह भी खराब हो चुकी है।
मंदिर के महंत ने कहा है सड़कों की हालत को देखते हुए प्रशासन से कई बार मौखिक एवं लिखित रूप से कहा गया है लेकिन किसी ने सुध तक नहीं ली। अगर यही हाल रहा, तो पूर्व की तरह भी नगर में भगवान का रथ इस बार नहीं जाएगा।

एक उत्तर दें छोड़ दो

Your email address will not be published. Required fields are marked *