निर्जला एकादशी पर रायबेल, केले/बढ़ के पत्तों से बनीं निकुंज में विराजै ठा.राधारमण लाल

किशोरी मोहि अपनौ कर लीजै, श्री वृंदावन रज दीजै…

वृन्दावन, 2917.06.05 (VT):  नगर के सप्त देवालयों में से एक सुप्रसिद्ध ठा.राधारमण मंदिर में चल रहे ग्रीष्मकालीन सेवा महोत्सव के अंतर्गत निर्जला एकादशी के पावन अवसर पर फूलों से सजी निकुंज में विराजित होकर ठा.श्रीराधारमण लाल ने भक्तों को विशेष श्रृंगार में दर्शन दिए।
मंदिर में आध्यात्मिक गुरू आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी जी के सानिध्य में चल रहे ग्रीष्मकालीन सेवा महोत्सव का आनंद दिनों-दिन बढ़ता ही जा रहा है। प्रातःकाल मंदिर में वैदिक मंत्रोच्चारण एवं मंगला आरती एवं राजभोग सेवा का आयोजन हुआ।
सायंकाल निर्जला एकादशी को देखते हुए मोगरा-रायबेल, केला केे पत्ते और बढ़ के पत्तों से विशेष निकुंज सजाई गई, जिसमें ठा. राधारमण लाल ने विराजित होकर दर्शन दिए। हर कोई दर्शन कर अपने को कृतार्थ महसूस कर रहा था।
इस दौरान धु्रपद गायक तरूण दास जी ने किशोरी मोहि अपनौ कर लीजै, श्री वृंदावन रज दीजै… पद गायन कर सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस अवसर पर आचार्य वेणुगोपाल गोस्वामी, अभिनव गोस्वामी, सुवर्ण गोस्वामी, जुगलकिशोर शर्मा आदि लोग उपस्थित थे। (DS)

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