चन्द्रावली सखी की चंद्राकार निकुंज में विराजे ठा.राधारमण लाल

 

 

-अब दुध लायीं यशोदा मैया, आछौनी कौ ओट सिरायौ तामै मधुर मलैया…

वृन्दावन, 07 जून 2016। निकुुंज प्रविष्ट जगद्गुरू श्रीपुरूषोत्तम गोस्वामी के संकल्प से श्रीराधारमण लाल जू का 475वां ग्रीष्म निकुंज सेवा महामहोत्सव धीरे-धीरे प्रभु रंग में रंगता नजर आ रहा है। महोत्सव के अंतर्गत रायबेल एवं केले के पत्तों से सजी चंद्रावली सखी की चंद्राकार निकुंज में विराजमान होकर ठा.राधारमण लाल ने भक्तों को दर्शन दिए।

मंदिर में आध्यात्मिक गुरू आचार्य श्रीवत्स गोस्वामी जी के सानिध्य में चल रहे ग्रीष्मकालीन सेवा महामहोत्सव का प्रातःकाल वैदिक मंत्रोच्चारण, मंगला आरती एवं राजभोग सेवा का आयोजन हुआ। महाराजश्री ने बताया कि भावरूप में ठा.श्रीराधारमण लाल जू महाराज 64 निकुंजों में भ्रमण करने निकले हैं, जिसके अंतर्गत आज वह चंद्रावली सखी की निकुंज में पधारे हैं और उनकी चंद्राकार निकुंज विराजित होकर ठाकुरजी ने भक्तों को दर्शन दिए।

केले के पत्ते और रायबेल से बनीं चंद्राकार निकुंज देखकर हर कोई अपने को आनंदित महसूस कर रहा था। इस दौरान धु्रपद गायक तरूण दास द्वारा प्रभु को रिझाने के लिए दूध भोग अब दुध लायीं यशोदा मैया, आछौनी कौ ओट सिरायौ तामै मधुर मलैया… पद गाकर वातावरण को वात्सल्यमय बना दिया। इसके अलावा कई भजन प्रस्तुत किए।
इस अवसर पर आचार्य वेणुगोपाल गोस्वामी, अभिनव गोस्वामी, सुवर्ण गोस्वामी, जुगलकिशोर शर्मा, योगेश अग्रवाल, अंजलि स्याल आदि लोग उपस्थित थे। (DS)

 

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