मन्दिरों में जूता रखने वाली कृष्ण प्रेमी करोड़पति महिला बनवा रही गौशाला

वृन्दावन, 2017.05.26 (VT):  कृष्ण भक्ति में लीन एक वृ़द्धा महिला भगवान कृष्ण की प्रिय गायों के लिए गोशाला बनवा रही है। इस गौशाला के निर्माण में लगभग 60 लाख रूपये लगेंगे। करोड़पति होने के बावजूद कृष्ण भक्ति में यह भक्तिन बांकेबिहारी के भक्तों के जूतों की रखवाली करती है। कृष्ण प्रेम में वह घर परिवार में सब कुछ छोड़कर वृन्दावन धाम आ गयी।
मूलरूप से कटनी निवासी 85 वर्षीय फूलमती की। लगभग 40 साल की उम्र थी, तो घर में संपन्नता थी। कटनी के हीरागंज इलाके में परिवार की तीन कोठियां, तीन रेस्टारेंट, और तीन मिठाई की दुकानें थीं। अचानक परिवार को झटके लगने शुरू हुए। उनका 18साल का बेटा बीमारी से गुजर गया, फिर 22 साल की शादीशुदा बेटी भी चल बसी। इसके बाद 45 साल की उम्र में ही घर-परिवार छोड़ बांकेबिहारी की शरण में आ गई, परिजनों ने बहुत वापस ले जाने की कोशिश की लेकिन वह टस से मस न हुई। यहां फूलमती से कृष्णा दासी हो गई।

वृन्दावन मे शुरूआत के 15 साल वह सेट हरगुलाल की हवेली पर ठाकुरजी के प्रसाद तैयार करने में अपनी सेवा देती रही। वहां से हटने के बाद उनके सामने सवाल था कि बांकेबिहारी के नजदीक कैसे रहा जाए। ऐसे में मंदिर के गेट पर श्रद्धालुओं के जूतों की रखवाली शुरू कर दी। कुछ साल पहले उनके भी नही रहें। इसके बाद कटनी की करोड़ों की संपत्ति कृष्णा दासी के नाम ही आ गई। इसके बावजूद उन्होंने जूता रखवाली का काम बंद नहीं किया, उनका कहना है कि यह तो बिहारी जी की साक्षात सेवा हैं। जूता रखवाली के लिए श्रद्धालु कुछ देकर जाते हैं, इससे हर रोज लगभग सात-आठ सौ रुपये मिल जाते हैं। इसमें से जो भी धन जीवन यापन के बाद बचती है, उसे ठाकुर जी की सेवा में ही समर्पित कर देती है। यही नही कृष्णा दासी की कटनी में जो संपत्ति हैं, उसमें से एक साल पहले दो कोठियां बेच दीं। इससे मिली रकम में से 60 लाख रुपये से गायों के लिए गोशाला बनवाना शुरू कर चुकी है।
जब कुछ लोगों को पता चला कि कृष्णा दासी के पास पैसा है, तो बातों में फंसाकर लाखों रुपए की ठगी कर ली। इसलिए अब हर किसी पर भरोसा भी नहीं होता। कृष्णा की इच्छा है कि जूता सेवा उन्होने इसलिए शुरू की, जिससे बांकेबिहारी का दर न छूटे, किसी दिन इसी तरह सेवा करते हुए तन से प्राण निकल जाए।

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