धार्मिक मान्यताओं की कहानी कहते ब्रज के 9 कुंड दिखेंगे पर्यटन के नक्शे पर

मथुरा,  2017.04.24 (VT): धार्मिक महत्व वाले 9 कुन्ड अब ब्रज क्षेत्र के पर्यटन नक्शे में दिखेंगे। पर्यटन विभाग इन्हें विकसित करने जा रहा है। इन 9 कुंडों को अब विश्व स्तरीय पर्यटन के नजरिये से विकसित करने की योजना है। धार्मिक मान्यताओं की कहानी कहते बृज क्षेत्र के ये कुंड अब पर्यटन के नक्शे पर दिखेंगे।
इन सभी कुंडों में प्रवेश के लिए तोरण द्वार बनेगा, चारों तरफ सीढ़ियां बनेंगी, शौचालय, पेयजल, लाइट, विश्राम गृह, जैसी व्यवस्थाएं होंगी। वहीं कुंडों पर जानवरों के पीने के पानी की व्यवस्था भी होगी। इसके अलवा पेड़ों के नीचे बैठने के लिए चबूतरे बनेंगे और अष्टभुजा छतरियां भी लगेंगी। ये कुंड अष्टकोणीय हैं।Sri-Vrinda-Kund-Vrindavan
इनके लिए पात्र कम्पनियों से प्रस्ताव मागे गए है। इन कुन्डों में पोतरा, दावालन, गोविन्द, हरजी, नारद, मधुसूदन, विहवल, प्रिया और बृषभानु कंुड शामिल हैं। इन कुंडों का पर्यवरणीय मूल्यांकन करवा लिया गया है और अब इसकी रिपोर्ट का ख्याल रखते हुए विकास कार्य किए जाएंगे।2424232178_8cc10dac2c_z
इन सभी कुंडों का धार्मिक महत्व है। ये सभी कुन्ड भगवान श्री कृष्ण की लीला के स्मृति दिलातीं हैं। देवकी ने भगवान कृष्ण के जन्म के दूसरे दिन उनके कपड़े पोतरा कुंड पर धोए थे। कृष्ण और राधा पहली बार विहवल कुंड पर मिले, एक-दूसरे कि खूबसूरती देख भावविहवल होकर रोने लगे और विहवल कुंड बन गया। प्रिया कुंडों में राधा ने अपनी मेहंदी धोई थी। जिससे यहां के पानी का रंग पीला हो गया था। वहीं मधुसूदन कुंड फूलों के रसपान में धुत्त मधुमक्खियों के भनभनाने के लिए मशहूर है।
बृषभानू कुंड का निर्माण राधाजी के पिता ने करवाया था तो हरजी कुंड भगवान कृष्ण के बचपन के मित्र हरजी ग्वाला के नाम पर बना है।

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