जगद्गुरु पुरूषोत्तम गोस्वामी जी का ब्रज के वैभव को बढ़ाने में रहा अद्वितीय योगदान

वृन्दावन, 2017.02.27 (VT): चैतन्य सम्प्रदायाचार्य जगद्गुरु पुरूषोत्तम गोस्वामी जी महाराज की स्मृति में श्री रंगनाथ प्रेस में एक स्मृति सभा का आयोजन किया गया। जिसमें वृन्दावन के अनेकों वैष्णव और ब्रजवासियों ने भाग लिया।
सभा की अध्यक्षता करते हुए आचार्य नरेश नारायण ने कहा कि गोस्वामी श्री पुरुषोत्तम महाराज द्वारा ब्रज के वैभव को बढ़ाने में अद्वितीय योगदान दिया गया। साथ ही उन्होंने ब्रज की रास लीला और गौरांग लीला के आयोजनों के द्वारा सांस्कृतिक क्षेंत्र10733847_630537490409013_4683903412169822254_o में महत्वपूर्ण योगदान दिया। जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। आपके निकुंज वास से ब्रज-वृन्दावन को महनीय क्षति हुयी है।
इमलीतला के श्री तमाल कृष्ण ब्रह्मचारी ने कहा कि जगदगुरु श्री पुरूषोत्तम गोस्वामी जी द्वारा श्रीमद भागवत ज्ञान अनुष्ठान के दौरान भ्रमर गीत के सस्वर पाठ के समय साक्षात श्री कृष्ण भ्रमर गीत के सस्वर पाठ के समय साक्षात श्री कृष्ण भ्रमर रुप में उपस्थित होकर उस गीत का अनुभव करने लगे। इस दृश्य को जिन्होंने देखा सभी धन्य हो गये। यह उनकी भक्ति ही थी कि भगवान श्री कृष्ण भ्रमर रूप में पुनः प्रगटे।
श्री दामोदर शास्त्री ने कहा कि महाराज श्री का राधारमण लाल के प्रति अद्वितीय अनुराग था। जब भी उनको सेवा का अवसर मिलता था वे उत्कृष्ट ढंग से श्री राधारमण लाल का श्रृंगार करते और सेवा उत्सव मनाते है। महाराज जी के गोलोक वास हो जाने से वृन्दावन को अपूरणीय क्षति हुयी है। ठा. श्री राधारामण जी की सेवा महोत्सव के दौरान उनकी राग-सेवा को भक्त हमेशा याद करेंगे।
फ्रेन्डस ऑफ वृन्दावन के निदेशक जगन्नाथ पोद्दार ने कहा कि महाराज श्री का गिर्राज जी के प्रति अगाध निष्ठा थी। वे प्रतिदिन वृन्दावन से गोवर्धन की परिक्रमा एवं दर्शन करने के लिए जाते थे। अन्तिम समय तक उन्होंने गोवर्धन परिक्रमा नहीं छोड़ा।
श्री धनन्जय गौतम ने कहा कि जगदगुरु पुरुषोत्तम गोस्वामी जी महाराज के ब्रज रज प्राप्ति के साथ एक युग का समापन हो गया।
पंडा सभा के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री राम नारायण ब्रजवासी ने कहा कि महाराज जी द्वारा अनेकों ब्रज यात्रा के कार्यक्रम का आयोजन समय-समय पर किया गया। जिससे अनेकों भक्तों को कृष्ण की लीला भूमि का दर्शन हो पाया।
ब्रज यात्राओं के माध्यम से महाराज श्री ने कृष्ण लीला को जन जन तक पंहुचाया
इस अवसर पर आनन्द विहारी शर्मा, रघुनन्दन अग्रवाल, नवनीत अग्रवाल, ब्रजेश श्रीवास्तव, श्रीधर शर्मा, जयकृष्ण पोद्दार, अखिलेश चतुरर्वेदी, मूलचन्द शर्मा आदि उपस्थित थे।

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