वात्सल्य ग्राम में भाव सम्बन्धों का अनूठा उदाहरण देखने को मिला

IMG_2180वृन्दावन, 2017.01.24 (VT):  दीदी माॅ साध्वी ऋतम्भरा के मार्ग दर्षन में संचालित मथुरा-वृन्दावन मार्ग स्थित वात्सल्य ग्राम एक गाॅंव जहाॅं पर भाव सम्बन्धों का अनूठा उदाहरण देखने को मिलता है । जहाॅ पूर्व में दो बेटियों का विवाह बड़े हर्षोल्लास के साथ समपन्न हुआ है वहीं संजय भैया एवं सुमन परमानन्द के धर्मपुत्र वात्सल्य ग्राम के बड़े बेटे चिरंजीव रोहित परमानन्द का पाणिग्रहण संस्कार जबलपुर (म0प्र0) के निवासी कार्तिक की कुलधन्या आयुष्मती षिव्या के साथ वेदमनीषी महामण्डलेष्वर, युगपुरुष पूज्य स्वामी परमानन्द गिरि जी महाराज एवं महामण्डलेष्वर स्वामी चित्तप्रकाषानन्द ,स्वामी फूलडोल महाराज,हरिबोल जी महाराज,गिरीषानन्द महाराज , स्वामी अभयानन्द यति महाराज, महामण्डलेष्वर ज्यार्तिमयानन्द जी महाराज, साध्वी साक्षी चेतना,साध्वी चेतना सिन्धु आदि सन्तों के पावन सानिध्य में वेद मंत्रों के बीच समपन्न हुआ । विवाह की तिथि सुनिष्चित होते ही वात्सल्य स्थित गोकुलम में ढोलक की थाप सुनाई देने लगी । एक सप्ताह तक विवाह से पूर्व की रस्में पूरी गयीं । कभी लगन आई हरे-हरे के स्वर सुनाई दिये कभी बन्ना गाये गये तो कभी तेल व हल्दी चढ़ाई गयी । इन सभी रस्मों के बाद 22 जनवरी 2017 विवाह की तिथि आई गुड़चढ़ी के साथ वात्सल्य में बैंड बाजों के साथ सपेरा बीन की धुन पर बाराती थिरकने लगेे । कन्या पक्ष की ओर बारातियों का स्वागत पुष्प मालाओं से हुआ । IMG_2187

सन्तों के पावन सानिध्य में वर-वधु ने एक दूसरे के गले में जयमान पहनाते ही मंच वेदमत्रों एवं स्वस्विाचन के मंत्रों गूंजने लगा । जयमाल के बाद दोनों ने संतों के चरण छूकर आषीर्वाद लिया । आचार्य विष्णुकान्त ने मंत्रोच्चार के साथ सनातन रीति से विवाह की सभी रस्में पूर्ण की गयीं । कांकरोली (राजस्थान) से पवनषर्मा, गुणेन्द्र मेड़तिया गाजियाबाद से सुभाष भाटी,विभोर प्रकाषम् ने मामा की भूमिका निभाते हुए भात पहनाया तथा और सभी रस्में पूरी कर रोहित एवं षिव्या का ग्रन्थिबन्धन कर अग्नि को साक्षी मानकर नव युगल से सात फेरे लेकर ग्रहस्थ जीवन का प्रारम्भ किया । इस अवसर पर माता-पिता,नाना- नानियों एवं मौसियों, बहन- बहनोईयों ने पुष्प वर्षा कर अपना स्नेह लुटाया । वर-वधु ने ग्रस्थधर्म में प्रवेष कर दीदी माॅ साध्वी ऋतम्भरा के पैर छूकर आषीर्वाद लिया । वधु के घर आने पर सासुमाॅं सुमन ने घर के द्वार पर आरती कर नववधु का स्वागत किया । षिव्या की पायल की झंकार से गूंजने लगा वात्सल्य ग्राम । चारों ओर खुषियां एवं उमंग दिखाई दे रही थी ।
इस अवसर पर यू0के0 से राजेन्द्र प्रसाद, यू0एस0ए0 से ब्रहमरतन अग्रवाल तथा नारायण दास अग्रवाल, डाॅ0चन्द्रभान गुप्ता ,मोहन स्वरूप भाटिया, तेजवीर सिंह, ओमप्रकाष वंसल,मुकेष गौतम,श्रीकान्त षर्मा,कैप्टन हरिहर षर्मा ,रविकान्त गर्ग,महेष खण्डेलवाल,देवेन्द्र सिंह राठौर, डाॅ0 देवेन्द्र षर्मा, आदि गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे ।

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