राधा रानी ब्रज 84 कोस यात्रा में यमुना शुद्धिकरण का लिया संकल्प

img-20161029-wa0047वृन्दावन, 2016.10.29 (VT):  संत श्री रमेश बाबा के सान्निध्य में राधा रानी ब्रज 84 कोस यात्रा शनिवार को वृन्दावन पंहुची। जिसमें हजारों की संख्या में भक्त शामिल हुए। यात्रा ने यमुना किनारे स्थित कुम्भ मेला स्थल पर पड़ाव डाला है। संत रमेश बाबा के सत्संग, वृन्दावन के मन्दिरों का दर्शन एवं वृन्दावन परिक्रमा कर ब्रज यात्रियों ने भक्ति रस में डूबे। साथ में यमुना को शुद्ध एवं मुक्त करने का संकल्प लिया।
पंकज बाबा के नेतृत्व में यात्रा से एक प्रतिनिधि मंडल वृन्दावन के प्रमुख संत एवं महन्तों से मिले। जिसमें उन्होंने यमुना मुक्तिकरण के लिए उनसे सहयोग मांगा।
डेढ़ वर्ष बाद भी यमुना शुद्धि के लिए की गई मांगों पर कारवाई न होने से आक्रोशित ब्रज के साधु-संतों व वैष्णवों ने एक बार फिर यमुनोत्री के शुद्ध जल को वृन्दावन की धरती पर लाने के लिए हुंकार भरी है। यमुना मुक्तिकरण अभियान के तत्वावधान में 17 दिसंबर को ब्रज में अनिश्चितकालीन व निर्णायक विशाल महापड़ाव डाला जाएगा।img-20161029-wa0048
अभियान के राष्ट्रीय संरक्षक पंकज बाबा ने बताया कि इस बार न कोई यात्रा होगी और नही किसी सरकार से कोई प्रार्थना की जाएगी। इस बार की लड़ाई आर-पार की होगी, जिसका नाम होगा यमुना सत्याग्रह। कहा कि अब ब्रजवासी व यमुना भक्त पदयात्रा लेकर नहीं जाएंगे, बल्कि सरकार को ही यमुना जी को लेकर यहां आना होगा। राष्ट्रीय सह संयोजक सुनील सिंह ने बताया कि इस बार पूरे विश्व के वैष्णव, कृष्ण भक्त व पर्यावरणविद इस यमुना सत्याग्रह से जुड़ेंगे। इसके लिए हजारों लोगों की स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। ब्रज के प्रत्येक गांव से कम से कम 200 यमुना भक्त इसमें शामिल होंगे। राष्ट्रीय अध्यक्ष राधाकांत शास्त्री ने कहा िकइस बार किसान यूनियन, सामाजिक व धार्मिक संगठनों आदि को इकट्ठा कर ऐसा अनिश्चितकालीन पड़ाव डाला जाएगा, जो आज तक विश्व में किसी नदी के लिए न हुआ हो। img-20161029-wa0051
राष्ट्रीय सलाहकार गोपेश्वर नाथ चतुर्वेदी ने बताया कि महापड़ाव में आंदोलन प्रमुख रमेश बाबा, गीता मनीषी ज्ञानानंद महाराज, कथावाचक विजय कौशल, मलूक पीठाधीश्वर राजेन्द्र दास महाराज, साध्वी ऋतंभरा आदि का सान्निध्य प्राप्त होगा। तकनीकी सलाहकार राधाप्रिय का कहना है कि आंदोलन में दो मांगे प्रमुख रहेंगी। पहली दिल्ली की जो गंदगी सीधे यमुना में गिर रही है, उसके लिए एक समानांतर नाला बनाकर पूर्णतः बंद किया जाए। दूसरा यमुना के लिए एक विशेष अध्यादेश लाकर उसकी निर्मलता, स्वच्छता व अविरलता को सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय सचिव हरेश ठेनुआ, राष्ट्रीय सचिव श्याम चतुर्वेदी, प्रदेश प्रभारी पंकज चतुर्वेदी मीडिया प्रभारी सुशील गोस्वामी, केके आदि उपस्थित रहे।img-20161029-wa0050

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