सज उठा बरसाना, बरसेगी वृषभान नंदनी की कृपा

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बरसाना,2014.09.01(VT): भगवान श्रीकृष्ण की शक्ति राधा रानी के जन्मोत्सव की धूम पूरे ब्रज मंडल में है। दो सितंबर को सुबह करीब पाच बजे वृषभान नंदनी का महाभिषेक लाडली जी मंदिर में मंत्रोच्चार से किया जाएगा। अभिषेक के बाद वृषभान नंदनी अपने श्याम सुंदर के साथ शीशे के महल से भक्तों पर कृपासागर की वर्षा करेंगी। इस झाकी के दर्शनों की एक झलक पाने को श्रद्धालु अभी से बेताब हैं।

बरसाना में राधाष्टमी महोत्सव की धूम है। रविवार से शुरू हुए राधाष्टमी मेले का आनंद उठाने के लिए श्रद्धालुओं का आना शनिवार से ही शुरू हो गया था। राधा जन्मोत्सव को श्रद्धालुओं सहित देश-विदेश की सखी बरसाना पहुंच रही हैं। मंगलवार सुबह पाच बजे राधारानी का महाभिषेक उनके निज महल में होगा। इसके बाद श्याम प्यारी अपने मदन मोहन के साथ पीले वस्त्रों से सुसज्जित होकर सोने-चांदी से जड़ित शीशमहल में विराजमान होकर अपने भक्तों को दर्शन देंगी। सेवायतों द्वारा गाई जा रही राधा जन्म की बधाई से मंदिर परिसर गुंजित हो रहा है।

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हर कोई लाडली जी की कृपा पाने को आतुर है। मंदिर के सेवायत गोविंदराम गोस्वामी ने बताया कि शीशमहल साल में सिर्फ एक बार राधाष्टमी महोत्सव के दौरान ही खुलता है। इस महल का निर्माण सेवायत गोस्वामीयों द्वारा ही करवाया गया था, शीशमहल करीब साठ वर्ष पुराना है। शीशमहल के तीन हिस्से हैं, जो तीज पर हिंडोला के काम आता है तथा शरद पूर्णिमा को सोने के महल के रूप में तैयार किया जाता है।

श्रीजी भक्तों की हिफाजत में रहेंगे 950 जवान

-17 स्थानों पर बैरियर और 9 पार्किंग

ब्रह्मांचल पर्वत के शिखर पर विराजमान श्रीजी के भक्तों की रक्षा को सोमवार को 950 जवान तैनात होंगे। 17 स्थानों पर बैरियर लगाकर 9 स्थलों पर वाहनों को खड़ा कराए जाने की व्यवस्था की गई है। ऑटो लिफ्टिंग, चेन स्नेचिंग, राहजनी, रोड होल्डअप, लूट और छेड़छाड़ की घटनाएं घटित होने से रोकने के लिए 7 उड़न दस्ते गठित किए गए हैं। व्यवस्थाओं पर नजर रखने के लिए डीएम बी चंद्रकला और एसएसपी मंजिल सैनी बरसाना में ही कैंप करेंगी।

मंदिर के मुख्यद्वार से श्रद्धालुओं को प्रवेश दिया जाएगा और परिक्रमा गेट से निकासी होगी। पुलिस मेला व्यवस्था प्रभारी शगुन गौतम ने बताया कि बनाए गए चार सेक्टरों में एएसपी और डिप्टी एसपी तैनात किए गए हैं। सीसीटीवी कैमरे से भी अराजक तत्वों की हरकतों पर नजर रखी जाएगी। प्रिया कुंड और गहवर वन कुंड पर गोताखोर की ड्यूटी भी लगा दी गई है। बरसाना के अंदर किसी भी वाहन को एंट्री नहीं दी जाएगी।

यहां बनाई पार्किंग स्थल

गोवर्धन रोड भट्ठा, नंदगांव रोड राधे-राधे कालोनी, राधा बिहारी इंटर कालेज, पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस, गोवर्धन लिंक रोड ओमप्रकाश का प्लाट, सुभाष डेयरी के पास माधव धर्मशाला, ऊंचा गांव, गोवर्धन ड्रेन, चिकसौली तिरहा, छाता बरसाना रोड पर।

ये भी रखें ख्याल

-कोई इलेक्ट्रोनिक सामान लेकर मंदिर में प्रवेश न करें।

-बैग, सूटकेस लेकर जाने पर भी प्रतिबंध।

-प्रवेश द्वार से मंदिर में अंदर दर्शन कर निकासी द्वार से निकल जाएं।

-मंदिर खुलने पर ही मंदिर जाएं।

– पहले से भीड़ जमा न करें। -महिलाएं कीमती गहने आदि पहनकर न आएं।

-लावारिस सामान को न छुएं। न कोई अफवाह फैलाने की कोशिश करें।

-अजनबी लोगों की बातों में न आएं

राधारानी की प्रधान सखी ललिता ने लिया जन्म

-ऊंचागाव में धूमधाम से बधाई गीत गाए गए

बरसाना: राधारानी की सबसे प्रिय व प्रधान सखी ललिता ने बृषभान नंदनी से दो दिन पहले रविवार को जन्म लिया। जन्मोत्सव तथा प्रकट्योत्सव पर उनके निज गाव ऊंचागाव में राधारानी व ललिताजी के जयकारे गूंजते रहे। दिनभर ललिताजी के अभिषेक के दर्शनों को भक्तों का सैलाब उमड़ता रहा।

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रविवार को भाद्रपक्ष की छठ को ऊंचागाव में स्थित ललिता अटा अटोर नामक पहाड़ी पर बने भव्य अकबर कालीन ललिता मंदिर में राधारानी की प्रधान सखी ललिताजी का 5242 वां जन्मोत्सव तथा 561 वां प्रकटेत्सव मनाया गया। दोपहर 12 बजे ललिता मन्दिर के सेवायतो द्वारा ललिता जी की श्रीविग्रह को घी, दूध, दही, शहद, बूरा, केसर, जटामसी, चन्दन चूरा, नागार मोथा, अगर-तगर, पंच मेवा, गुलाब जल, इंत्र, गोघृत आदि के समावेश से तैयार किये पंचामृत से अभिषेक कराया गया।

इस दौरान ललिता मन्दिर परिसर घटा घड़ियालों से गूंजयमान हो रहा था व ललिताजी व राधारानी के जयकारों से संपूर्ण वातावरण गूंजता रहा। ललिता जी की एक छवि पाने को श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ रहा था। वहीं अनुराग सखी द्वारा ललिताजी के जन्मोत्सव पर गाए जा रहे बधाई गीतों पर श्रद्धालु भाव विभोर होकर नाच रहे थे। गुर्जर समुदाय की महिलाओं द्वारा लोक नृत्य प्रस्तुत किया गया। लोक नृत्य को देखकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गए, द्वापरकालीन जैसी लीलाओं से साक्षात्कार हुआ।

इस मौके पर ब्रजाचार्य पीठ के पीठाधीश्वर गोस्वामी दीपकराज भट्ट, ललिता पीठ के पीठाधीश्वर गोस्वामी, कृष्णनन्द तैलग, सव्रेश भट्ट, रोहित भट्ट, वासुदेव भट्ट, अरुण भट्ट, दिनेश, नारायण, तारकेश, ठा. प्रसाद भट्ट, मुकेश, कनुआ, गोपाल सखी आदि ने ललिता जी के अभिषेक कार्यक्रम में भाग लिया।

टोडरमल ने बनवाया था मंदिर

इस मंदिर का निर्माण अकबर के राजस्व मंत्री टोडरमल ने श्रीलनारायण भट्ट जी के आदेश पर कराया था। 560 वर्ष पहले श्रीलनारायण भट्ट तमिलनाडू के मुद्राईपत्तनम से आये थे। उन्होंने ही ललिता जी की दिव्य प्रतिमा को प्राकट्य किया था।

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