जंतर-मंतर पर गूंजा यमुना प्रदूषण का मुद्दा

नई दिल्ली (DJ): केंद्र सरकार द्वारा अपने वादे से मुकरने से नाराज मथुरा व बरसाना से आए यमुना रक्षक दल और भारतीय किसान यूनियन संघ के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से रविवार को जंतर-मंतर पर चेतावनी महापंचायत की। कार्यकर्ता यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने, मुजफ्फरनगर दंगों की जांच कराने तथा कृषि को उद्योग का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे थे। पंचायत ने चेतावनी दी है कि संतों के साथ छल का परिणाम सदा बुरा हुआ है। केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने मार्च में यमुना में दूषित जल के बहाव पर रोक लगाने का वादा किया था। 1पंचायत में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। ज्ञात हो कि बरसाना के प्रमुख संत रमेश बाबा के सानिध्य में यमुना प्रदूषणमुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इस वयोवृद्ध संत ने यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। इनके नेतृत्व में बरसाना, मथुरा व वृंदावन के 10 हजार लोगों ने इसी वर्ष 1 मार्च को संसद घेरावके लिए दिल्ली कूच किया था। 12 दिन की पैदल यात्र कर दिल्ली पहुंचने पर दक्षिणी दिल्ली में इन्हें रोक लिया गया था। तब केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री हरीश रावत तथा जयंती नटराजन ने संतों को यमुना दूषिक जल के बहाव पर रोक लगाने का भरोसा दिलाया था। इसके लिए अलग से दिल्ली के 22 किलोमीटर क्षेत्र में नाला बनाया जाएगा। अब तक यह वादा पूरा नहीं हुआ। इससे नाराज रमेश बाबा की अगुवाई में आंदोलनरत लोगों ने रविवार को फिर जंतर-मंतर से सरकार के रवैये पर रोष प्रकट किया। कहा कि उनके साथ छल हुआ है। भाकियू संघ के अध्यक्ष भानू प्रताप ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार यमुना को प्रदूषण मुक्त करने में और 1 शेष पृष्ठ 15 पर1जागरण संवाददाता, नई दिल्ली : केंद्र सरकार द्वारा अपने वादे से मुकरने से नाराज मथुरा व बरसाना से आए यमुना रक्षक दल और भारतीय किसान यूनियन संघ के कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से रविवार को जंतर-मंतर पर चेतावनी महापंचायत की। कार्यकर्ता यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने, मुजफ्फरनगर दंगों की जांच कराने तथा कृषि को उद्योग का दर्जा दिए जाने की मांग कर रहे थे। पंचायत ने चेतावनी दी है कि संतों के साथ छल का परिणाम सदा बुरा हुआ है। केंद्र सरकार के प्रतिनिधियों ने मार्च में यमुना में दूषित जल के बहाव पर रोक लगाने का वादा किया था। 1पंचायत में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। ज्ञात हो कि बरसाना के प्रमुख संत रमेश बाबा के सानिध्य में यमुना प्रदूषणमुक्ति अभियान चलाया जा रहा है। इस वयोवृद्ध संत ने यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। इनके नेतृत्व में बरसाना, मथुरा व वृंदावन के 10 हजार लोगों ने इसी वर्ष 1 मार्च को संसद घेरावके लिए दिल्ली कूच किया था। 12 दिन की पैदल यात्र कर दिल्ली पहुंचने पर दक्षिणी दिल्ली में इन्हें रोक लिया गया था। तब केंद्र सरकार के प्रतिनिधि के रूप में केंद्रीय राज्य मंत्री हरीश रावत तथा जयंती नटराजन ने संतों को यमुना दूषिक जल के बहाव पर रोक लगाने का भरोसा दिलाया था। इसके लिए अलग से दिल्ली के 22 किलोमीटर क्षेत्र में नाला बनाया जाएगा। अब तक यह वादा पूरा नहीं हुआ। इससे नाराज रमेश बाबा की अगुवाई में आंदोलनरत लोगों ने रविवार को फिर जंतर-मंतर से सरकार के रवैये पर रोष प्रकट किया। कहा कि उनके साथ छल हुआ है। भाकियू संघ के अध्यक्ष भानू प्रताप ने पंचायत को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार यमुना को प्रदूषण मुक्त करने में विलंब करेगी तो वे लोग खुद यमुना में गिरने वाले नालों को जबरन बंद करवा देंगे। यमुना रक्षक दल के अध्यक्ष जयकिशन दास महाराज ने कहा कि सरकार हल्के में न ले। हमारी बात पर ध्यान नहीं दिया गया तो हम दिल्ली के लिए फिर से कूच करने को विवश होंगे।

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