जिलाधिकारी मथुरा ने ब्रज फाण्डेशन की टीम को प्रदान किया अवार्ड

ब्रज फाउण्डेशन की टीम को मिला यूनेस्को का अवार्ड
कुण्ड जीर्णोद्धार अभियान में ब्रज फाउण्डेशन भारत की सर्वश्रेष्ठ संस्था

वृन्दावन 2 मार्च, 2013, आज ब्रह्म कुण्ड पर आयोजित एक कार्यक्रम में जिलाधिकारी मथुरा समीर वर्मा व ब्रज फाउण्डेशन के अध्यक्ष विनीत नारायण ने फाउण्डेशन के फील्ड स्टाफ को यूनेस्को समर्थित अवार्ड प्रदान किया। प्रोजेक्ट मैनेजर विपिन व्यास की अगुवाई में मनसुख सिंह, नीरज उस्मानी, प्रेम सिंह, कुलदीप दीक्षित, हेमराज सिंह, भगवान सिंह, कमल, सक्षम, नन्दू आदि ने प्रमाण पत्र व ट्राॅफी प्राप्त की।

पिछले दिनों नई दिल्ली के एक भव्य समारोह में, वर्ष 2012-13 में ग्रामीण क्षेत्र के जल संवर्धन के लिए द ब्रज फाउण्डेशन को भारत की सर्वश्रेष्ठ स्वंयसेवी संस्था’ का यूनेस्को स्पाॅन्सर्ड अखिल भारतीय अवार्ड दिया गया। इस अवार्ड के लिए भारत के कई अन्य अग्रणी संगठन दौड़ में थे। परन्तु ‘द ब्रज फाउण्डेशन’ ने ब्रज में कुण्डों के जीर्णोद्धार के अपने उच्चस्तरीय गुणवत्तायुक्त कार्यों से अन्य दावेदारों को पछाड़ते हुए यह अवार्ड प्राप्त किया। इससे पूर्व भी वर्ष 2010-11 में जल संवर्धन के क्षेत्र में अभूतपूर्व योगदान के लिए द ब्रज फाउण्डेशन को यूनेस्को समर्थित भारत की सर्वक्षेष्ठ संस्था का अवार्ड दिया गया था। इसके साथ ही द ब्रज फाउण्डेशन को इस वर्ष की सर्वश्रेष्ठ ‘वाॅटर एन.जी.ओ. अवार्ड’ से भी नवाजा गया है।

अवार्ड प्रदान करने के बाद, ब्रह्म कुण्ड के जीर्णोद्धार व सौन्दर्यीकरण कार्य का अवलोकन करते हुए जिलाधिकारी श्री वर्मा ने ब्रज फाउण्डेशन के कार्यों की भरपूर प्रशंसा की। ब्रह्म कुण्ड की सुन्दरता से अभिभूत होकर, उन्होेंने फाउण्डेशन से जनपद के सभी प्राचीन कुण्डों को इसी प्रकार से सजाने-संवारने की अपील की। साथ ही जनहित के इस निःस्वार्थ कार्य में हर सम्भव प्रशासनिक सहयोग प्रदान करने का भी आश्वासन दिया।

फाउण्डेशन के अध्यक्ष श्री विनीत नारायण ने बताया कि अपनी स्थापना से ही ब्रज फाउण्डेशन ब्रज के कुण्डों, तालाबों, सरोवरों आदि के जीर्णोद्धार में निष्काम भावना के साथ पूरी लगन से लगी हुई है। कुछ ही वर्षाें में फाउण्डेशन ने ब्रज में अब तक लगभग 42 कुण्डों की खुदाई कर ब्रज में 6 लाख क्यूबिक मीटर अतिरिक्त जल संवहरण क्षमता विकसित कर दी है। वर्तमान में संस्था का 5 कुण्डों पर एक साथ कार्य चल रहा है; गोवर्धन में सूरज कुण्ड, संकर्षण कुण्ड व रूद्र कुण्ड पर, नंदगांव में यशोदा कुण्ड तथा वृन्दावन के ऐतिहासिक राम ताल।

जीर्णोद्धार से पूर्व कुण्डों के नाम पर जहाँ पहले सपाट मैदान पड़े थे, वहाँ आज भारी जलराशि हिलोरें ले रही है। जिससे आसपास के क्षेत्र का भूजल स्तर भी बढ़ा है। फाउण्डेशन ने इन सभी कुण्डों के सौन्दर्यीकरण की विस्तृत योजनाऐं तैयार करके इनके विकास के लिए भारत सरकार व उ0प्र0 सरकार के पर्यटन मंत्रालय तक पहुँचा दी हैं। आजकल इन्हीं योजनाओं की चर्चा समय-समय पर विभिन्न अखबारों में पढ़ने को मिलती रहती हैं।

टिप्पणीs

  1. a k sinha says

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